दांतों को स्वस्थ रखने के लिए सुबह और रात में करें ब्रश

दांतों को स्वस्थ रखने के लिए सुबह और रात में करें ब्रश

चिकित्सक ने दी स्वस्थ रहने की सलाह नियमित करें ब्रश

JagranThu, 04 Mar 2021 11:59 PM (IST)

आगरा, जागरण संवाददाता।

दांतों की बीमारी को डायग्नोज करने के लिए सीबीसीटी, एक्सरे कराए जा रहे हैं। वहीं, डेंटल वेनीर्स से गुटखा से खराब हुए दांत चमक रहे हैं। दांतों को स्वस्थ रखने के लिए सुबह और रात में ब्रश जरूर करें। गुरुवार को दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में दंत रोग विशेषज्ञ डा. अनिल वर्मा ने फोन पर पाठकों के सवालों के जवाब दिए। सवाल - दांतों में खाना और पानी चुभता है, क्या करें?

भारती, सौरभ वर्मा, प्रताप सिंह

जवाब - यह दांतों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन का लक्षण है। समय से इलाज न कराने पर दांतों की नस तक संक्रमण पहुंच जाता है और दर्द होता है। नमक डले गुनगुने पानी से कुल्ला कर सकते हैं। सवाल - नौ साल की नातिन है, एक दांत नहीं निकला है?

राहुल

जवाब - एक्सरे और सीबीसीटी करा सकते हैं। इससे पता चल जाएगा कि दांत किस कारण से नहीं निकला है। सवाल - बच्चे के दांत पीले हो गए हैं, कीड़ा भी लग गया है?

अनीता शर्मा, रमेश प्रसाद

जवाब - बच्चे सही तरह से ब्रश नहीं करा पाते हैं, वह फास्ट फूड का सेवन अधिक कर रहा है। यह दांतों को पीला कर रहा है और इससे दांतों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो रहा है। दिन में दो बार, सुबह और रात में ब्रश कराएं। सवाल - बच्चे के दांत टेढे़ हैं?

रोशनी सिंह, सीमा, अवधेश कुमार

जवाब - यह समस्या बढ़ रही है। प्रारंभिक अवस्था में इलाज शुरू होने पर टेढे़ दांत को सही आकर देने में कोई समस्या नहीं आती है। उम्र बढ़ने के साथ इलाज महंगा और समय ज्यादा लगता है। सवाल - दांतों में दर्द रहता है, पायरिया की समस्या है, क्या करें?

सुमन परमार, सनी सिंह

जवाब - दांतों की सही तरह से सफाई न होने पर पायरिया की समस्या होती है। दंत रोग विशेषज्ञ से चेकअप करा लें, ठीक हो जाएगा। सवाल - गुटखा खाने से दांत खराब हो गए हैं। ठीक हो सकते हैं?

राकेश गुप्ता, राहुल ओझा

जवाब - सबसे पहले गुटखा छोड़ना पडे़गा। डेंटल वेनीर्स से दांत खूबसूरत हो जाते हैं। ये कंपोजिट और सिरेमिक के होते हैं, इन्हें दांतों पर चढ़ा दिया जाता है। जागरण के सवाल

सवाल - बच्चों के टेढे़ दांत क्यों आ रहे हैं?

जवाब - बच्चे अब फास्ट फूड का सेवन अधिक करते हैं। खाना चबाते नहीं हैं, इससे जबडे़ का आकार छोटा हो रहा है। इससे दांत टेढ़े हो रहे हैं। सवाल - एक से दो साल तक के बच्चों को दांत संबंधी समस्याएं अधिक हो रही हैं, ऐसा क्यों?

जवाब - मां अपने बच्चे के मुंह में दूध की बोतल लगा देती हैं। बच्चा सो जाता है, इससे रेंपेंट कैरीज हो रही है। सारे दांत गल जाते हैं। दूध पिलाने के बाद गीले सूती कपडे़ से दांतों को साफ जरूर करें। मां अपनी अंगुली में पेस्ट या मंजन लगाकर भी बच्चों के दांत साफ कर सकती हैं। सवाल - आरसीटी की कब जरूरत पड़ती है?

जवाब - दांत में इन्फेक्शन अंतिम स्टेज तक पहुंच जाता है, तब दांत में दर्द होने लगता है। इसके बाद लोग दंत रोग विशेषज्ञ के पास जाते हैं। दांत में बैक्टीरिया गड्ढा बना देते हैं, यह नर्व तक पहुंच जाता है। ऐसे केस में रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) से नर्व को अलग कर दिया जाता है। दांत को साफ करने के बाद गुट्टा पर्चा डालकर उसे बंद कर देते हैं। कई बार कैप लगाने की जरूरत होती है। सवाल - इंप्लांट में क्या नई तकनीकी आई है?

जवाब - सबसे पहले दांत को बचाने की कोशिश की जाती है। दांत पूरी तरह से खराब होने पर निकाल दिया जाता है। हड्डी में इंप्लांट को फिक्स कर देते हैं। तीन महीने में आसियोइंटीग्रेशन होने के बाद दांत फिक्स कर कर दिया जाता है। सवाल - अपने दांतों को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं?

जवाब - हर छह महीने पर दंत रोग विशेषज्ञ से दांतों का चेकअप कराएं। प्रोफाइलेक्टिक स्कैलिग भी करा सकते हैं। इससे दांत ठीक रहेंगे। प्रोफाइल

बीडीएस 1993, गवर्नमेंट डेंटल कालेज एंड हास्पिटल, औरंगाबाद ओरल इंप्लांट एंड मैक्सिलोफेशियल प्रोथोडोंटिक्स सर्टिफिकेट यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया डा. अनिल वर्मा, दंत रोग विशेषज्ञ

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