साधु की हत्या के दाग खाकी वर्दी पर, जानिये कैसे सुलझी मंदिर में कत्ल की गुत्थी

आगरा, जेएनएन। मथुरा के चर्चित साधु मदन मोहन दास हत्याकांड में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने अपने विभाग के एक हैड कांस्टेबिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित कांस्टेबिल की श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तैनाती थी।

मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र में बीते 29 दिसंबर को गांव ब्योही के समीप गंग नगर की पटरी पर साधु का शव मिला था। उसकी गला घोंट कर हत्या की गई थी। उसकी जेब में पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर से बात करने पर शिनाख्त मदन मोहन दास निवासी सिद्ध बाबा मंदिर, शाहगंज दरवाजा, कच्ची सड़क, गोङ्क्षवद नगर, मथुरा के रूप में हुई थी।

सुरीर पुलिस ने बीते सोमवार को साधु की हत्या हत्या में शामिल होने के आरोप में साधु रामवीर दास निवासी अटलवन आश्रम, अटल्ला चुंगी, वृंदावन एवं संदीप प्रताप ङ्क्षसह उर्फ सोनू निवासी नई बस्ती, चंडौस जिला अलीगढ़ को  जेल भेजा। इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार ने बताया कि 19 सितंबर 2017 को थाना गोङ्क्षवद नगर क्षेत्र की एक किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपित दरोगा और सिपाही जेल में बंद हैं। उनके मुकदमे में दुष्कर्म पीडि़ता का बयान बदलवाने के लिए साधु से समझौते का सौदा हुआ था।

20 लाख रुपये लेने के बाद साधु समझौते से मुकर गया। इस खुन्नस में उसकी हत्या की गई। आरोपित साधु राम कुमार दास एवं संदीप प्रताप ङ्क्षसह उर्फ सोनू के अलावा हरिओम, पवन एवं बंटी निवासी गांव रनजीत गढ़ी थाना, खैर, जिला अलीगढ़ के नाम प्रकाश में आए थे।

साजिश में दुष्कर्म आरोपित सिपाही का रिश्तेदार हैड कांस्टेबिल बृजेश पचौरी भी शामिल था। हत्या के लिए बृजेश पचौरी ने तीन लाख रुपये में सौदा कराया। आरोपित हैड कांस्टेबिल बृजेश पचौरी निवासी गांव नायकपुर, थाना खैरगढ़, फीरोजाबाद को मथुरा कलेक्ट्री से गुरुवार को गिरफ्तार कर थाना सदर बाजार के माध्यम से जेल भेज दिया है।

आरोपित हैड कांस्टेबिल की श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ड्यूटी चल रही थी। इंस्पेक्टर का कहना है कि हत्या के मामले में अन्य कई लोगों की भूमिका की भी गहराई से छानबीन की जा रही है।

 

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