प्रभु का बुलावा आएगा तो गुरु भी नहीं बचा पाएंगे

निर्मल सदन में मुनि संघ ने की चातुर्मास स्थापना

JagranFri, 23 Jul 2021 11:30 PM (IST)
प्रभु का बुलावा आएगा तो गुरु भी नहीं बचा पाएंगे

आगरा, जागरण संवाददाता। निर्मल सदन, छीपीटोला में शुक्रवार को हुई धर्मसभा में मुनि वीर सागर ने कहा कि प्रभु के द्वार पर आने के लिए बुलावे का इंतजार मत करना। जब प्रभु का बुलावा आएगा तो गुरु भी तुम्हें नहीं बचा पाएंगे। इससे पूर्व निर्मल सदन में मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर, मुनि धवल सागर ने भक्ति द्वारा अपनी चातुर्मास की स्थापना की।

सुबह पा‌र्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से श्रद्धालु मुनियों को लेकर निर्मल सदन पहुंचे। मंगलाचरण महिला मंडल की संगीता जैन ने किया। चित्र अनावरण व दीप प्रज्जवलन किया गया। छीपीटोला मंदिर कमेटी, निर्मल समिति और आगरा दिगंबर जैन परिषद के सदस्यों ने मुनि संघ को श्रीफल भेंट किए। मुनि संघ ने सर्वप्रथम चातुर्मास भक्ति का पाठ, आचार्य भक्ति और समाधि भक्ति की। बच्चों ने मुनि संघ को श्रीफल भेंट किया और महिलाओं व पुरुषों ने आरती उतारी। मुनि संघ का पाद प्रक्षालन निर्मल मोठ्या ने किया। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन ने बताया कि शनिवार को गुरु पूर्णिमा पर आचार्य विद्या सागर महाराज का पूजन किया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष दिलीप कुमार जैन, मुरारीलाल जैन, राजकुमार जैन, हजारी लाल जैन, विमल जैन, अक्षय जैन, प्रदीप जैन, दयाचंद जैन आदि मौजूद रहे। (वि.)

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आज सिकंदरा पहुंचेंगे मुनि प्रणम्य सागर:

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आगरा: आचार्य विद्या सागर महाराज के शिष्य मुनि प्रणम्य सागर और मुनि चंद्र सागर महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश शुक्रवार सुबह नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, रुनकता में हुआ। मुनि संघ सूरज गोविद स्कूल, कीठम से मंगल विहार करते हुए रुनकता पहुंचा। भक्तों ने पाद प्रक्षालन और मंगल आरती कर अगवानी की। शाम को मुनि संघ विहार करते हुए बैनाड़ा फैक्ट्री पहुंचा। शनिवार सुबह मुनि संघ मंगल विहार करते हुए दिगंबर जैन मंदिर, सिकंदरा पहुंचेगा। यहां सुबह आठ बजे से गुरु पूर्णिमा व वीर शासन जयंती की पावन बेला में वर्धमान विधान होगा। शनिवार शाम मुनि संघ का मंगल विहार दिगंबर जैन मंदिर, देवनगर के लिए होगा। मंगल विहार में गौरव जैन, राहुल जैन, सिद्धार्थ जैन, शुभम जैन, अंकेश जैन, पंकज जैन, मनोज जैन, आर्जव जैन, शुभम जैन आदि साथ रहे। (वि.)

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कभी एकसमान नहीं रहता है समय

आगरा: समय, सत्ता, संपत्ति और शरीर, सदा साथ नहीं देते हैं, परंतु स्वभाव, समझदारी, सत्संग और सच्चे संबंध सदा साथ देते हैं। समय कभी एकसमान नहीं रहता है, जब अच्छा समय हो तो सत्ता, संपत्ति भी बेशुमार होती है और जब बुरा समय हो तो स्वयं का शरीर भी साथ देना छोड़ देता है।

महावीर भवन, न्यू राजा की मंडी कालोनी में शुक्रवार को आचार्य ज्ञानचंद्र महाराज ने यह प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि समय चाहे कैसा भी हो, परंतु यदि हमारा स्वभाव अच्छा हो, समझ विकसित और सही हो, संतों व गुरुजनों का आशीर्वाद हो, सच्चे लोगों से संबंध हों तो जीवन की हर मुसीबत समाप्त होती चली जाती है। (वि.)

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