Ganga Dussehra: श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा गंगा दशहरा, कोराेना के चलते यमुना के घाट भी वीरान

गंगा मैया के धरती पर आने का पर्व है गंगा दशहरा। गंगा में स्नान का है महत्व। उत्‍तराखंड में गंगा के उफान और लाॅकडाउन के चलते इस बार नहीं जा पाए ताजनगरी से श्रद्धालु। यमुना के घाटों पर सुबह पहुंचे बहुत कम लोग स्‍नान को।

Prateek GuptaSun, 20 Jun 2021 08:01 AM (IST)
मथुरा में गंगा दशहरा के अवसर पर यमुना स्‍नान को बहुत कम लोग पहुंचे।

आगरा, जागरण संवाददाता। रविवार को गंगा दशहरा श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। गंगा मैया के धरती पर आने का पर्व गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। गंगा दशहरा पर गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान की परंपरा है। कोरोना काल में साप्ताहिक बंदी के चलते श्रद्धालु घरों में ही गंगाजल से स्नान करेंगे। आगरा में गंंगाजल की आपूर्ति होती है। वैसे भी इस बार उत्‍तराखंड में लॉकडाउन जारी है और हरिद्वार में गंगा नदी में उफान आने के चलते आगरा से लोग गंगा स्‍नान को वहां नहीं जा पाए। यमुना नदी के कुछ घाटों पर श्रद्धालुओं ने सुबह स्‍नान कर पुण्‍य लाभ लिया।

ज्‍येष्‍ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा मैया हस्त नक्षत्र में पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। उनके धरती पर आने का पर्व गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। राजा भागीरथ अपने पूर्वजों की आत्मा के उद्धार के लिए गंगा मैया को धरती पर लाए थे। इसलिए गंगा को भागीरथी भी कहा जाता है। पं. चंद्रेश कौशिक ने बताया कि गंगा मैया मन, वाणी और शरीर द्वारा होने वाले दस प्रकार के पापों का हरण करती हैं। इसलिए गंगा स्नान का बहुत महत्व है। उन्होंने बताया कि दशमी तिथि शनिवार शाम 6:50 बजे से शुरू हो गई और यह रविवार को शाम 4:25 बजे तक रहेगी। हिंदू धर्म में उदया तिथि से पर्व व त्योहार मनाए जाते हैं, इसलिए गंगा दशहरा रविवार को मनाया जाएगा।

घर पर मनाएं गंगा दशहरा

रविवार को साप्ताहिक बंदी है। कोरोना काल में गंगा दशहरा घर पर मनाना ही उचित रहेगा। आगरा में गंगा जल की आपूर्ति होती है। इसलिए गंगा जल से नहाने का पुण्य घर में ही मिल जाएगा। नहाने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। घर में गंगा जल का छिड़काव करें और जरूरतमंदों को दान करें। वैसे भी यमुना की दशा आगरा में बहुत खराब है। उसका पानी पीना तो दूर की बात रहा, नहाने लायक भी नहीं है। घाटों पर नगर निगम ने सफाई नहीं कराई है।

पतंगबाजी को पहले ही कर लिए इंतजाम

गंगा दशहरा पर आगरा में पतंगबाजी की जाती है। लोगों ने साप्ताहिक बंदी के चलते पहले ही पतंग आैर मांझे का इंतजाम कर लिया है, जिससे कि रविवार को इत्मिनान के साथ पतंगबाजी कर सकें।

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: रविवार सुबह 4:03 से सुबह 4:44 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:55 से दोपहर 12:51 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:42 बजे से 3:38 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:08 बजे से शाम 7:32 बजे तक।

अमृत काल: दोपहर 12:52 बजे से 2:21 बजे तक।

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