दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के घर पर बाइक सवारों ने की फायरिग

दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के घर पर बाइक सवारों ने की फायरिग

जगदीशपुरा क्षेत्र का मामला बाइकों पर पहुंचे थे एक दर्जन से अधिक लोग पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपित तीनों लोगों को जेल भेजा

JagranFri, 18 Oct 2019 08:06 AM (IST)

आगरा, जागरण संवाददाता: सामूहिक दुष्कर्म की शिकार छात्रा के परिजनों पर दबाव बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। बुधवार की देर रात पीड़िता के घर के सामने बाइकों पर सवार एक दर्जन से अधिक लोग पहुंचे। छात्रा और उसके परिवार के लोगों के बारे में पूछने लगे। इसके बाद फायरिग करके भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने फायरिग की घटना से इन्कार किया है। सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपितों को गुरुवार को जेल भेज दिया।

जगदीशपुरा क्षेत्र में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने मामले को छेड़छाड़ में दर्ज करके आरोपितों को बचाने की कोशिश की। पीड़ित द्वारा अधिकारियों के यहां शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। पीडि़ता का मेडिकल और बयान दर्ज कराने के बाद आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की धारा में कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपितों सतेंद्र, धर्मेंद्र और हेमंत को बुधवार गिरफ्तार कर लिया था।

पीड़िता के पिता के अनुसार उन्होंने अपने यहां मजदूरों को किराए पर रख दिया है। बुधवार की देर रात आठ-दस बाइक पर सवार एक दर्जन से अधिक लोग उनके घर पहुंचे। किराएदारों से उनके और बेटी के बारे में पूछने लगे। इसके बाद उनके घर के सामने फायरिग करके चले गए। दहशत में आए किराएदारों ने उनको इसकी जानकारी दी। पीड़िता के पिता द्वारा सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ लोहामंडी चमन कुमार ने बताया कि सूचना पर पुलिस गई थी। मगर, फायरिग की पुष्टि नहीं हुई है। पीड़िता को परिवार समेत मेरठ ले गया पिता

बेटी के साथ हुई घटना के बाद से पिता दहशत में है। वह मेरठ में नौकरी करते हैं। अपने पीछे परिवार के साथ अनहोनी की आशंका के चलते उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहते। छात्रा के पिता का कहना था कि वो सुरक्षा के चलते पुत्री और पत्नी समेत परिवार के लोगों को यहां अकेला नहीं छोड़ सकता। गुरुवार की शाम परिवार को मेरठ लेकर रवाना हो गया। पीड़िता के मेडिकल को चार घंटे भटकी पुलिस

लेडी लॉयल में मंगलवार की शाम को पुलिस पीड़ित छात्रा को मेडिकल के लिए लेकर गई थी। अस्पताल के स्टाफ द्वारा पुलिस और पीड़िता को चार घंटे से ज्यादा घुमाया गया। पुलिस पीड़िता को लेकर भटकती रही। यहां पर हुई पुलिस से चूक

30 अगस्त: पीड़िता परिवार के साथ आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके पहुंची। पुलिस को सारी कहानी बताई, उसने आरोपितों को पकड़ने के बाद छोड़ दिया। 2 सितंबर: पीड़िता के परिजन दोबारा थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे बोलकर तहरीर लिखवाई। इससें दुष्कर्म का मामला छेड़छाड़ में बदल गया।

14 अक्टूबर: पुलिस ने सवा महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि आरोपितों ने छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल कर दिया था।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.