Farmer Protest in Agra: एक घंटे खुलने के बाद फिर लगाया आगरा− ग्वालियर हाईवे पर किसानों ने जाम, UP बार्डर पर डाला है डेरा

करीब 20 गाड़ियों में पहुंचे किसानों ने मेधा पाटकर के साथ धरना शुरू कर दिया है।

Farmer Protest सभी किसान 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में होने जा रहे किसान रैली में भाग लेने जा रहे हैं। यह रैली हाल ही में पारित किसान कानून के खिलाफ बुलाई गई है। आगरा के सैंया बॉर्डर पर बुधवार रात से रोके जा रहे हैं किसान।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 10:25 AM (IST) Author: Tanu Gupta

आगरा, जागरण संवाददाता। एक घंटे खुलने के बाद हाईवे पर फिर जाम लग गया है। किसान ग्वालियर हाईवे पर आकर फिर बैठ गए हैं। एक घंटे पहले किसानों ने हाईवे की एक लेन खोल दी थी। राजस्थान के धौलपुर और आगरा के पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया था। हाईवे के दोनों तरफ लगभग 3-3 किमी लम्बा जाम लग गया था। दोनों राज्यो की सीमा पर पुलिस तैनात है। मेधा पाटकर का कहना है कि आगे की रणनीति के घंटे के बाद ही तय करेंगे। इधर राजस्थान पुलिस किसानों का सहयोग कर रही है। सभी को खाने के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी धौलपुर राकेश जैसवाल, पुलिस अधीक्षक धौलपुर केशव सिंह, एस पी देहात आगरा रवि कुमार, एसडीएम खेरागढ़ अंकुर कौशिक, सीओ खेरागढ़, सीओ अछनेरा के साथ कई सर्किल के थानों का पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद है। दरअसल कृषि बिलों के विरोध में दिल्ली कूच के लिए जा रहा किसानों का एक जत्था गुरुवार सुबह आगरा के सैंया बार्डर पर पहुंच गया। इसे भी बार्डर पर ही रोक दिया गया है। रिमझिम फुहारों के बीच गुस्साए किसान हाईवे किनारे ही धरने पर बैठे हैं। नर्मदा बचाओ आंदोलन की अध्यक्षत मेधा पाटकर की मौजूदगी में एक जत्थे के किसान बीती बुधवार रात से ही धरने पर बैठे हैं।

दूसरा जत्था मध्य प्रदेश के चंबल संभाग से चला था। कामरेड जसविंदर के नेतृत्व में करीब 20 गाड़ियों में पहुंचे किसानों ने मेधा पाटकर के साथ धरना शुरू कर दिया है। यह जत्था गुरुवार सुबह लगभग 9 बजे पहुंचा। किसान दिल्ली जाने पर अड़े हुए हैं और किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं है। यह सभी किसान 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में होने जा रहे किसान रैली में भाग लेने जा रहे हैं। यह रैली हाल ही में पारित किसान कानून के खिलाफ बुलाई गई है। माकपा मध्य प्रदेश इकाई के राज्य जसविंदर सिंह का कहना है कि किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है, उत्तर प्रदेश सरकार बिला वजह इसमें अड़ंगा डाल रही है। मेधा पाटकर की मौजूदगी में पहले जत्थे के किसान बीती बुधवार रात से ही धरने पर बैठे हैं।

जा रहे किसानों के जत्थों को नर्मदा बचाव आंदोलन की अध्यक्ष मेधा पाटकर की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश के सैंया बार्डर पर रोक दिया है। इसे गुस्साए किसान बीते बुधवार रात 8 बजे से वहीं धरने पर बैठे हैं। मेधा पाटकर का कहना है कि वह यूपी में आंदोलन करने नहीं आए। उन्हें किस आदेश के तहत रोका गया है, यह कोई बताने को तैयार नहीं है।

 

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