हरियाणा के झज्जर में हुए हादसे से सिरसागंज के नगला अनूप में मचा कोहराम

बुधवार को जाहरवीर बाबा की जात करने गए परिवार के सात की मौत। तड़के हुआ केएमपी पर भीषण हादसा परिवार में रह गया अकेला कुंवारा भाई। इस हादसे में केवल ढाई साल की धेवती प्रियांशी और कार का ड्राइवर मोनू निवासी कौरारा बचा है।

Prateek GuptaFri, 22 Oct 2021 02:30 PM (IST)
सिरसागंज के नगला अनूप में इस घर में मातम है। परिवार के सभी सदस्‍य हरियाणा में हादसे का शिकार हुए।

आगरा, जेएनएन। शुक्रवार तड़के झज्जर हरियाणा में हुए सड़क हादसे ने नगला अनूप में कोहराम मचा दिया। जाहरवीर बाबा की जोत करके लौट रहा पूरा परिवार हादसे की भेंट चढ़ गया। परिवार में केवल एक अविवाहित भाई बचा है, जिसका रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार झज्जर के लिए सुबह रवाना हो गए।

सिरसागंज थाना क्षेत्र के नगला अनूप निवासी शिवकुुमार शर्मा (60) मजदूरी करते थे। उनका परिवार बाबा जाहरवीर का भक्त था। बुधवार शाम शिवकुमार किराए की अर्टिगा कार से अपनी पत्नी मुन्नी देवी, पुत्र मनोज बहू रूबी, छह माह की पोती वंशिका, विवाहित बेटी आरती, ढाई साल की धेवती प्रियांशी और छोटी बेटी खुशबू के साथ जाहरवीर बाबा के दर्शन करने गए थे। बताया गया कि उनके साथ गांव के कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाला बिहार का श्रमिक बबलू भी गया था। घर पर शिवकुमार का 55 वर्षीय अविवाहित भाई राजकुमार अकेला था। शुक्रवार शाम तक सबको वापस लौटना था, इसी बीच सुबह सात बजे हादसे की सूचना आ गई। बताया गया कि झज्जर जिले में केएमपी पर सुबह चार बजे लघुशंका करने के लिए हाईवे किनारे कार रोकी थी, इसी बीच पीछे से आए ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में केवल ढाई साल की धेवती प्रियांशी और कार का ड्राइवर मोनू निवासी कौरारा बचा है।

पहली बार एक साथ गया था परिवार

शिवकुमार के भाई राजकुमार ने बताया कि उनके भाई और भाभी कई बार जाहरवीर बाबा के दर्शन कर चुके थे। पहली बार पूरे परिवार के साथ जाने का कार्यक्रम बनाया था। इसके लिए किराए की कार मंगाई थी। बुधवार को वह मजदूरी करने गए थे और जब लौटे तो बड़े भाई परिवार के साथ जा रहे थे। घर में कोई न रहने के कारण वह रुक गया था।

15 दिन से मायके में थी आरती

बताया गया कि शिवकुमार के चचेरे भाई की पत्नी की 15 दिन पहले मौत हो गई थी। चाची की मौत पर आरती ससुराल से अपनी बेटी को लेकर आ गई थी और तब से मायके में थी। इसलिए वह भी उनके साथ जाने को तैयार हो गई।

खुशकिस्मत निकली भतीजा कृष्णा

शिवकुमार अपने चचेरे भाई मुकेश के बेटे कृष्णा (20) को ले जा रहे थे। आखिरी समय पर कृष्णा के जाने का कार्यक्रम रद हो गया था और वह बच गया।

रिश्तेदार हुए झज्जर के लिए रवाना

सुबह सात बजे हादसे की जानकारी मिलते ही शिवकुमार के दामाद और रिश्तेदार झज्जर के लिए रवाना हो गए। बताया गया है कि शाम तक शवों का पोस्टमार्टम हो सकेगा, इसके बाद देर रात शव गांव तक लाए जाएंगे।

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