सैकड़ों की बचाई जान, फिर गंवा बैठे जिंदगी

कोरोना काल में आइएमए के पूर्व अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ और युवा चिकित्सकों का निधन

JagranTue, 08 Jun 2021 11:45 PM (IST)
सैकड़ों की बचाई जान, फिर गंवा बैठे जिंदगी

आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना वायरस से लड़ाई किसी जंग से कम नहीं है। जानलेवा वायरस से मरीज की जान बचाने को चिकित्सक एक साथ कई मोर्चे पर जूझ रहे थे। दवा, बेड और आक्सीजन की कमी के बीच उन्हें भी संक्रमण का खतरा था। इस खतरे से वह खूब लड़े। जान की परवाह किए बिना एक-एक डाक्टर ने कई की जान बचाई, फिर खुद दुश्मन वायरस के निशाने पर आकर जान गंवा बैठे। आइएमए, आगरा के मीडिया प्रभारी डा पंकज नगाइच का कहना है कि चिकित्सकों का निधन बड़ी क्षति है। आरएस कपूर की आवाज को याद रखेगा आइएमए:

आइएमए, आगरा के पूर्व अध्यक्ष डा. आरएस कपूर कई दिन तक वेंटीलेटर पर रहे। उन्होंने आइएमए के हक के लिए आवाज उठाई, उनके निधन के बाद मां का भी निधन हो गया। जीवनी मंडी वालों को याद आते रहेंगे डा. आरपी सिघल:

जीवनी मंडी के लोगों का बुखार से लेकर हृदय रोग तक का इलाज करने वाले फिजीशियन डा. आरपी सिघल का निधन हो गया। बीमार होने पर उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था। चले गए इलाज के साथ साहित्य सृजन करने वाले डा. शैलेंद्र:

मधुमेह रोग विशेषज्ञ डा शैलेंद्र शर्मा इलाज के साथ ही साहित्य सृजन में सक्रिय रहे। पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित हुए। कई दिन तक वेंटीलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद मेदांता में इलाज के दौरान निधन हो गया। डा. एसपी भारद्वाज का संघर्ष नहीं भूलेंगे मरीज:

चेस्ट स्पेशलिस्ट डा. शिव प्रकाश भारद्वाज ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में मरीजों की जान बचाने में जुटे रहे। दिन-रात काम किया। कई की जान बचाई और अंत में खुद भी संक्रमित हो गए। तबीयत बिगड़ी और साथी चिकित्सक जान नहीं बचा सके। डा.बसंल जिसके निधन पर रो पड़े मरीज:

आवास विकास कालोनी के निजी हास्पिटल के संचालक डा. केएम बंसल मरीजों के चहेते थे। वे मृदुभाषी थे और सभी को सम्मान देते थे। रेनबो हास्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुन मरीज भी रो पड़े। सबको लुभाने वाली डाक्टर जोड़ी बिछुड़ गई:

डा. वीके राजपाल और उनकी पत्नी डा. मधु राजपाल आइएमए के कार्यक्रमों में चार चांद लगा देते थे। कई दिन तक इलाज के बाद कोरोना से डा. वीके राजपाल जंग हार गए। पत्नी के निधन के बाद थम गई सांस: सर्जन डा. अजय बंसल और उनकी पत्नी कोरोना संक्रमित हो गए। पहले पत्नी का निधन हुआ, इसके बाद डा. अजय बंसल का भी निधन हो गया। कोरोना को हराया, मगर बच न सके:

ईएनटी सर्जन डा. मनोज चतुर्वेदी कोरोना संक्रमित होने पर भर्ती रहे। संक्रमण ठीक होकर घर भी आ गए। मगर, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और निधन हो गया।

:::: - पूर्व मंत्री नारायन सिंह हारे जिदगी की जंग

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जासं, आगरा: मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे नारायन सिंह सुमन और उनकी पत्नी कलावती सुमन भी कोरोना से जान गंवा बैठे। उनके पुत्र व पूर्व एमएलसी स्वदेश कुमार ने बताया कि 13 अप्रैल को दोनों की रिपोर्ट पाजीटिव आई थी। कलावती सुमन को ग्रेटर नोएडा और नारायन सिंह सुमन को नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 21 अप्रैल को 64 वर्षीय कलावती सुमन और 23 अप्रैल को 67 वर्षीय पूर्व कैबिनेट मंत्री नारायन सिंह सुमन की मृत्यु हो गई।

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