Oxygen Concentrator की ऑनलाइन खरीद पर भी धोखाधड़ी, आगरा में जरूरतमंद को बनाया शिकार

ऑक्‍सीजन कंस्‍ट्रेटर की ऑनलाइन बिक्री के नाम पर भी धोखाधड़ी शुरू हो गई है। प्रतीकात्‍मक फोटो

आगरा में सदर इलाके के रहने वाले वास्तुविद को बनाया अपना शिकार। इंटरनेट मीडिया में आनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी का दिया था विज्ञापन। गैंग ने 30 हजार रुपये जमा कराने के बाद ब्लाक किया नंबर। वास्तुविद की शिकायत पर पुलिस ने सीज कराया साइबर गैंग का बैंक खाता।

Prateek GuptaFri, 07 May 2021 11:27 AM (IST)

आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा समेत देश-प्रदेश के अन्य जिलों में कोरोना संक्रमण के दौरान आक्सीजन सिलिंडर और आक्सीजन कंस्ट्रेटर की मारामारी को देखते हुए साइबर गैंग भी सक्रिय हो गए हैं। ये गैंग इंटरनेट मीडिया में आनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी के विज्ञापन देकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। साइबर गैंग ने आगरा के सदर इलाके में रहने वाले एक वास्तुविद को ठगी का शिकार बना लिया। उनसे आक्सीजन कंस्ट्रेटर की होम डिलीवरी के नाम पर 30 हजार रुपये खाते मे जमा करा लिए। इसके बाद उनका मोबाइल नंबर ब्लाक कर दिया। वास्तुविद की शिकायत पर सदर थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने शातिर का बैंक खाता सीज करा दिया है।

मामला साइबर गैंग की ठगी के शिकार वास्तुविद अरुण कुमार का है। वह सदर में शमसाबाद रोड पर जयपुरिया ड्रीम कालोनी के रहने वाले है।वास्तुविद ने बताया कि उनकी मां शीला देवी का आक्सीजन लेबल कम होने हो गया था।उन्होंने आपात स्थिति के लिए आक्सीजन कंस्ट्रेटर खरीदने का फैसला किया। उन्होंने कई वाट्सएप ग्रुप में आनलाइन बुकिंग और होम डिलीवरी करने वाले विज्ञापन और उनके मोबाइल नंबर देखे। दिए गए एक नंबर पर संपर्क किया। काल रिसीव करने वाले ने बताया कि उसका गोदाम दयालबाग इलाके में है। आक्सीजन कंस्ट्रेटर की कीमत उसने 30 हजार रुपये बताई। युवक का कहना था कि खाते मे रकम जमा कराने के बाद डेढ़ घंटे में आक्सीजन कंस्ट्रेटर की होम डिलीवरी हो जाएगी।

वास्तुविद के अनुसार उन्होंने युवक द्वारा बताए गए बैंक खाते में धनराशि जमा करा दी। कई घंटे बाद भी जब आक्सीजन कंस्ट्रेटर नहीं आया तो उन्होंने उक्त नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया। शातिर ने उनका मोबाइल नंबर ब्लाक कर दिया था। इससे उन्हें धोखाधड़ी का शक हुआ। अपने मित्र से उक्त नंबर पर फाेन करने की कहा। युवक ने उनके मित्र की काल रिसीव कर ली। मित्र ने आक्सीजन कंस्ट्रेटर खरीदने की कहा। शातिर ने उनसे भी 30 हजार रुपये जमा कराने के डेढ़ घंटे बाद होम डिलीवरी करने की कहा। मित्र ने दयालबाग में गोदाम पर आकर आक्सीजन कंस्ट्रेटर लेने की कहा तो युवक ने फोन काट दिया। मित्र का नंबर भी ब्लाक कर दिया।

वास्तुविद ने धोखाधड़ी पर सदर थाने में तहीर दी। इंस्पेक्टर अजय कौशल ने बताया कि जिस बैंक खाते में रकम जमा कराई गई थी। उसे सीज करा दिया है। पीड़ित की रकम लौटाने के लिए बैंक से संपर्क किया है।

शातिर के बैंक खाते में हैं 3.29 लाख रुपये

आर्किटेक्ट ने बताया कि पीड़ित के जिस बैंक खाते में उन्होंने रकम जमा कराई थी। जानकारी करने पर पता चला कि उसमें तीन लाख 29 हजार रुपये जमा हैं। यह खाता कानपुर के रहने वाले किसी सोनम के नाम से है। इससे आशंका है कि आरोपित ने कई और लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की है। 

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