Dengue D2 Strain: डेंगू का नया स्‍ट्रेन लेकर आया बड़ा खतरा, कैसे कर सकते हैं इससे बचाव

आगरा में डेंगू के केसों के मामले में साल 2016 को कहीं पीछे न छोड़ दे वर्ष 2021। इस साल अगस्त में ही सक्रिय हो गया डेंगू का मच्छर। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक मिल चुके हैं 31 मरीज। फतेहपुरसीकरी में आज सुबह मिला एक और मरीज।

Prateek GuptaWed, 15 Sep 2021 11:56 AM (IST)
आगरा में डेंगू का प्रकोप 2016 से ज्‍यादा इस बार देखने को मिल रहा है।

आगरा, प्रभजोत कौर। डेंगू के बढ़ते केस आगरा में अब तक कोई घातक तेवर नहीं दिखा पाए हैं, लेकिन संक्रमण फैला तो व्यवस्था चरमरा सकती है। पिछले सालों में डेंगू के संक्रमण का काल अक्तूबर रहा है। वर्ष 2016 में सबसे ज्यादा डेंगू के 329 केस मिले थे। इस साल डेंगू के केस अगस्त में ही बढ़ने शुरू हो गए हैं। अगले दो माह तक संक्रमण बढ़ने की आशंका है। बता दें कि बुधवार सुबह तक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 31 मरीज डेंगू के मिल चुके हैं। सरकारी आंकड़े तो सामने आ ही रहे हैं, लेकिन निजी अस्पतालों में मिले कई मरीजों की रिपोर्ट सामने नहीं आई।

बीते कुछ वर्ष में मिले डेंगू के मरीज

2015 219

2016 329

2017 64

2018 190

2019 144

2020 सात

14 नए मरीज मिले

बुधवार को फतेहपुरसीकरी क्षेत्र में डेंगू का एक नया मरीज मिला है। इससे पहले मंगलवार को डेंगू के 13 नए मरीज मिले थे, जिसमें से पांच आगरा के और आठ फिरोजाबाद के हैं। डेंगू वार्ड में कुल 17 मरीज भर्ती हैं, जिसमें से 13 मेडिसिन विभाग में और चार बाल रोग विभाग में भर्ती हैं। छह मरीज मंगलवार को डिस्चार्ज हुए।

बचाव के उपाय

- अपने आस-पास मच्छरों को न पनपने दें।

- दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं।

- मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें

- अनुपयोगी वस्तुओं में पानी इकट्ठा न होने दें।

- पानी की टंकी पूरी तरह से ढक कर रख दें।

- पूरी बाह के कपड़े पहनें।

- कूलर, गमले आदि को सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं।

- गड्ढों में जहां पानी इकट्ठा हो, उसे मिट्टी से भर दें।

कैसे फैलता है डेंगू

एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है। जिसमें तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं। यह मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। मादा एडीज एजिप्ट मनुष्य में डेंगू, चिकनगुनिया और पीला बुखार संचारित करती है। मादा एडीज सबसे अधिक दिन के समय काटती है।

हर तीन से पांच साल में होता है भयावह

एसएन मेडिकल कालेज की डा. गीतू सिंह के अनुसार डेंगू का मच्छर पर्यावरण की वजह से अपने अंदर बदलाव करता है। डेंगू की साइकिल हर तीसरे या पांचवें वर्ष में घूमती है। पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखें तो केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार 2017 में भारत में डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज 1,88,401 सामने आए थे, जिनमें से 325 लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद डेंगू के मरीजों का आंकड़ा काफी नीचे पहुंच गया था। ऐसे में 2017 के बाद अब 2021 में एक बार फिर डेंगू अपने चक्र के अनुसार असर दिखा सकता है।

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