आगरा- फीरोजाबाद बार्डर पर कमाई के खातिर यमुना नदी की खादर भूमि का सौदा

लेखपाल विश्वनाथ सिंह और ग्राम प्रधान नाहरगंज नरेंद्र वर्मा पर आरोप फीरोजाबाद के किसानों को दी गई जमीन। डीएम के आदेश पर हुई जांच में खुली पोल लेखपाल का तबादला। यमुना नदी की खादर भूमि सरकारी श्रेणी में आती है।

Tanu GuptaSat, 24 Jul 2021 02:56 PM (IST)
यमुना नदी की खादर भूमि सरकारी श्रेणी में आती है।

आगरा, जागरण संवाददाता। कमाई के खातिर आगरा और फीरोजाबाद के बार्डर पर यमुना नदी की खादर भूमि का सौदा किया जा रहा है। यह जमीन एत्मादपुर तहसील की ग्राम पंचायत मेहरा नाहरगंज और बरौली गुर्जर में है। टूंडला, फीरोजाबाद के किसानों से पैसे लेकर जमीन उनके नाम की जा रही है। इसमें लेखपाल विश्वनाथ सिंह और ग्राम प्रधान नाहरगंज नरेंद्र वर्मा पर आरोप है। इसकी शिकायत डीएम प्रभु एन सिंह से की गई। डीएम के आदेश पर जांच कराई गई। इसमें शिकायत सही मिली। लेखपाल का तबादला बाह तहसील कर दिया गया है। लेखपाल और प्रधान के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यमुना नदी की खादर भूमि सरकारी श्रेणी में आती है। तहसील प्रशासन से अनुमति लेकर किसान इस पर बाजारा, गेहूं और सरसों की फसल की बुवाई करते हैं। मेहरा नाहरगंज के किसान खादर भूमि पर 50 से 70 साल से खेती करते आ रहे हैं। जमीन पर किसी तरीके का पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता है।

यह है जांच रिपोर्ट 

डीएम के आदेश पर हुई जांच में पाया गया कि लेखपाल और प्रधान ने पैसे लेकर कब्जा करा दिया। यहां तक किसानों को पांच बीघा से लेकर 30 बीघा तक जमीन दी गई। जिन किसानों ने पैसे देने से इन्कार कर दिया। उन्हें खादर भूमि की जोताई से मना कर दिया गया। यह जमीन टूंडला फीरोजाबाद के किसानों दे दी गई।

लेखपाल विश्वनाथ का तबादला बाह तहसील कर दिया गया है। विवेक पाठक को विश्वनाथ के स्थान पर तैनात किया गया है। वहीं प्रधान के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

प्रभु एन सिंह, डीएम 

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