Dengue D2: डेंगू का डी टू स्ट्रेन, एक दिन बुखार और फिर तीसरे दिन बिगड़ रही तबीयत

आगरा में हालात नहीं आ रहे नियंत्रण में। सामान्‍य बुखार समझकर लोग बरत रहे हैं लापरवाही। तीसरे दिन जब स्थिति हो जा रही चिंताजनक। तब पहुंच रहे हैं अस्‍पताल। एसएन मेडिकल कालेज में इस समय 16 मरीज हैं भर्ती। बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है ये संक्रमण।

Prateek GuptaWed, 22 Sep 2021 01:17 PM (IST)
डेंगू में एक दिन बुखार आने के बाद तीसरे दिन हालत बिगड़ रही है। प्रतीकात्‍मक फोटो

आगरा, जागरण संवाददाता। डेंगू के डी टू स्ट्रेन से संक्रमित होने पर अलग अलग लक्षण सामने आ रहे हैं। कुछ बच्चों को एक दिन ही बुखार आ रहा है, बुखार ठीक होने पर स्वजन इलाज नहीं करा रहे हैं। मगर, तीसरे दिन अचानक से तबीयत बिगड़ रही है। जब तक समझ आता है कि मामला गड़बड़ है, तब तक शरीर के हालात बेकाबू हो चुके होते हैं। अस्‍पताल पहुंचने के बाद भी जीवन बचाया नहीं जा पा रहा है। आगरा में हालात नियंत्रण में नहीं आ रहे हैं।

एसएन के बाल रोग विभाग के डा. नीरज यादव ने बताया कि डेंगू के डी टू स्ट्रेन में अलग अलग लक्षण मिल रहे हैं। कुछ बच्चों में एक ही दिन बुखार आ रहा है। दूसरे दिन बुखार न आने पर स्वजन निश्चिंत हो जाते हैं लेकिन तीसरे दिन अचानक से बच्चे का शरीर अकड़ने के साथ बेहोशी छाने पर अस्पताल लेकर पहुंच रहे है। ये शाॅक के लक्षण हैं, इन बच्चों की डेंगू की रिपोर्ट पाजिटिव आ रही है। बुखार आने पर डाक्टर से परामर्श और 24 घंटे के अंतराल के बाद जांच जरूर करा लें।

टूटी सड़कें देख लगाई फटकार, मंडलायुक्त ने मरीजों से जाना हाल

मंडलायुक्त अमित गुप्ता एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां जगह-जगह जलभराव मिला, बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड की तरफ गए सड़क टूटी हुई थी। गंदा पानी भरा था, गंदगी मिली। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने डेंगू के मरीज विकास से इलाज की जानकारी ली। पूछा डाक्टर समय से आते हैं, दवाएं मिल रहीं हैं। इकरा और परी से भी इलाज की जानकारी ली। मरीजों ने कहा कि इलाज सही मिल रहा है। बाल रोग के डेंगू वार्ड में आठ बच्चे भर्ती थे। वेंटीलेटर की जानकारी ली, उन्‍होंने आगाह किया कि किसी भी मरीज को लौटाया न जाए, सुविधाएं बढ़ाई जाएं। सभी मरीजों को इलाज मिलना चाहिए।

बुखार आने पर यह करें

- बुखार उतारने के लिए छह से आठ घंटे के अंतराल पर पैरासीटामोल सीरप और टैबलेट दे सकते हैं।

- पानी का सेवन अधिक कराएं, नारियल पानी दे सकते हैं।

- घर का बना हुआ सादा खाना दें, फलों का जूस दे सकते हैं।

प्लेटलेट्स की बढ़ गई मांग

डेंगू, वायरल बुखार और मलेरिया का प्रकोप बढता जा रहा है। ऐसे में ब्लड बैंक पर प्लेटलेट्स लेने के लिए लंबी लाइन लग रही है। वहीं, निजी लैब में डेंगू, मलेरिया के साथ ही खून और प्लेटलेट्स की जांच कराने लोग पहुंच रहे हैं। एसएन मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल के साथ ही निजी अस्पताल में बुखार, डेंगू और मलेरिया के मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनकी निजी और सरकारी लैब से सीबीसी, डेंगू, मलेरिया की जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही हर रोज प्लेटलेट्स काउंट की जांच कराई जा रही है। इससे पैथोलाजी लैब पर रिपोर्ट लेने के लिए लोग इंतजार कर रहे हैं। वहीं, वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स काउंट कम हो रहे हैं। इनके लिए रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) और सिंगल डोनर एफरेसिस प्लेटलेट्स (एसडीपी, जंबो पैक) मंगाए जा रहे हैं। मलेरिया के मरीजों मे हीमोग्लोबिन कम हो रहा है। इन्हें ब्लड चढाया जा रहा है। एसएन की ब्लड बैंक प्रभारी डा. नीतू चौहान ने बताया कि ब्लड बैंक में 24 घंटे आरडीपी और जंबो पैक तैयार कराए जा रहे हैं।

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