Ramlila in Agra: 135 वर्ष पुरानी आगरा की प्रसिद्ध रामलीला के आयोजन पर संकट!

Ramlila in Agra बारादरी प्रकरण में मनकामेश्वर मंदिर के मठ प्रशासक ने कराया है कमेटी के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा। आगरा की रामलीला कमेटी ने प्रेसवार्ता कर मठ प्रशासक पर बोला हमला अफसरों व जनप्रतिनिधियों से करेंगे मुलाकात।

Tanu GuptaMon, 14 Jun 2021 05:54 PM (IST)
प्रेसवार्ता के दौरान रामलीला कमेटी के सदस्य।

आगरा, जागरण संवाददाता। बारादरी प्रकरण के चलते विषम हुई परिस्थितियों ने आगरा की 135 वर्ष पुरानी रामलीला के आयोजन पर संकट खड़ा कर दिया है। मन:कामेश्वर मंदिर के मठ प्रशासक हरिहर पुरी द्वारा रामलीला कमेटी के चार लाेगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद सोमवार को रामलीला कमेटी ने प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष रखा। कमेटी के मंत्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि अगर परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो हमें आयोजन पर विचार करना होगा। फिलहाल वो प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

सोमवार को अतिथि वन में हुई प्रेसवार्ता में रामलीला कमेटी के मंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि मठ प्रशासक द्वारा पिछले 8-10 वर्षाें में रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें कर कुचक्र रचा गया है। रक्षा संपदा विभाग ने सूचना का अधिकार में मांगी गई जानकारी में अवगत कराया था कि बारादरी का मास्टर प्लान कार्यालय में ट्रेसेबल नहीं है, जिसका अर्थ है कि विभाग में नक्शा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मठ प्रशासक ने जिला प्रशासन के समक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। छावनी बोर्ड ने वर्ष 1945 में रामलीला कमेटी को जीर्णोद्धार व नए निर्माण की अनुमति प्रदान की थी। वर्ष 2013 में मठ प्रशासक ने कमेटी के अध्यक्ष स्व. विधायक जगन प्रसाद गर्ग व अन्य के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज कराया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है। पिछले वर्ष मठ प्रशासक ने बारादरी की दीवार तोड़कर दरवाजा निकाल लिया। इसकी शिकायत पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है। जनवरी में उन्होंने रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मारपीट, धमकाने व कब्जे की शिकायत की थी, जो पुलिस ने खारिज कर दी। बारादरी की चाबियों के मामले में हाईकोर्ट में मठ प्रशासक की रिट खारिज हो चुकी है। वर्ष 2018 में दीवानी न्यायालय ने भी कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ स्वामित्व का बोर्ड लगाने से संबंधित मामला खारिज कर दिया था।

राजीव अग्रवाल ने कहा कि हम आगरा की जनता से पूछते हैं कि इन विषम परिस्थितयों में आगरा में रामलीला का आयोजन संभव है? क्या रामकाज करने वालों को इस तरह परेशान किया जाएगा? क्याें न कमेटी आयोजन को बंद करने का निर्णय ले ले? कमेटी आगरा के जनप्रतिनिधियों से आग्रह करती है कि वो आगरा की रामलीला को बचाने को अपना रुख तय करें और कमेेटी के सहयोग को आगे आएं। मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील है कि वो कुचक्र रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। व्यापारी नेता और रामलीला कमेटी से जुड़े टीएन अग्रवाल ने कहा कि रामलीला कमेटी के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है, जो बारादरी में सुरक्षित है। हम उसे आगरा किला के सामने स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर में नहीं रख सकते हैं।

यह है मामला

मन:कामेश्वर मंदिर के मठ प्रशासक हरिहर पुरी द्वारा रामलीला कमेटी के महामंत्री श्रीभगवान अग्रवाल, मंत्री राजीव अग्रवाल, अतुल बंसल और योगेश कुमार के खिलाफ मुकदमा कराया गया है। उन्होंने साजिश के तहत बारादरी का कूटरचित जाली नक्शा तैयार कर प्रशासनिक अधिकारियों को दिखाने का आरोप रामलीला कमेटी पर लगाया था। उन्होंने 13 जनवरी, 2021 को कमेटी के श्रीभगवान अग्रवाल व अन्य द्वारा उनके साथ धक्कामुक्की करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।

वीडियो किया जारी

रामलीला कमेटी के महामंत्री श्रीभगवान अग्रवाल ने मुकदमा दर्ज होने के बाद अपना वीडियो जारी किया है। इसमें वो कह रहे हैं वो 89 वर्ष के हैं। चलने-फिरने में लाचारी के चलते दो वर्षों से घर से बाहर नहीं निकले हैं? उनके खिलाफ जनवरी में मारपीट करने की शिकायत की गई। बिना किसी स्वार्थ के हम रामकाज कर रहे हैं।

इन संस्थाओं ने दिया समर्थन

मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति के अध्यक्ष रमनलाल गोयल, समिति के महामंत्री विष्णु बाबू अग्रवाल, आगरा व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष अशोक मंगवानी, सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, आगरा किराना कलर मर्चेंट के उपाध्यक्ष रमेश कत्यानी, अागरा व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष नरेंद्र बंसल, पेठा एसोसिएशन के राजेश अग्रवाल, एडवोकेट अनिल अग्रवाल, लुहार गली व्यापार समिति के अमित जैन, सत्यमेव जयते के मुकेश जैन मौजूद रहे। 

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