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LPG Gas Cylinder चाहिए तो देना होगा कोड, जान लें क्या है प्रक्रिया

LPG Gas Cylinder चाहिए तो देना होगा कोड, जान लें क्या है प्रक्रिया
Publish Date:Sat, 08 Aug 2020 02:46 PM (IST) Author: Tanu Gupta

आगरा, अम्बुज उपाध्याय। एलपीजी की कालाबाजारी रोकने को नई व्यवस्था अनिवार्य होने जा रही है। गैस डिलीवरी के समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाला डिलीवरी ओथेंटिकेशन कोड (डीएसी) वह डिलीवरी मैन को देना होगा। इसके बाद ही सिलिंडर मिल सकेगा।

जिले में घरेलू गैस के 9.73 लाख उपभोक्ता हैं। इनको 84 एजेंसी के जरिए सिलिंडर उपलब्ध कराया जाता है। उपभोक्ताओं के हक पर डाका न पड़े, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय व्यवस्था को फूल प्रूफ करने जा रहा है। इस व्यवस्था में गैस बुक कराने के बाद कैश मीमो जारी होते वक्त आने वाला डीएसी नंबर सबसे महत्वपूर्ण होगा। ये नंबर पंजीकृत नंबर पर ही जाएगा, जिससे डिलीवरी मैन के स्तर पर भी गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।

पीएम उज्ज्वला योजना में था अनिवार्य

पीएम उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं से डीएसी नंबर लिया जाना अनिवार्य है। अभी साधारण कनेक्शन के लिए इसकी बाध्यता नहीं है। इस प्रक्रिया से सिलिंडर पात्र व्यक्ति के पास ही पहुंचेगा।

कुछ वितरक अपना रहे प्रक्रिया

ऑल इंडिया इंडेन डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन आगरा संभाग अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि डीएसी नंबर की अनिवार्यता से पारदर्शिता आएगी। पुरोहित ने बताया कि उनकी एजेंसी से जारी होने वाले कैश मीमो में से 90 फीसद द्वारा डीएसी नंबर उपलब्ध कराया जाता है। सभी को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मैसेज डिलीट हो जाए, तो हो सकता है रीसेंड

अगर किसी उपभोक्ता से मैसेज डिलीट हो जाता है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिलीवरी मैन मोबाइल में मौजूद एप के माध्यम से उसे पुन: उपभोक्ता के नंबर पर सेंड कर सकता है।

ये है आंकड़ा

जिले में कुल कनेक्शन, 9.73 लाख

जिले में कुल एजेंसी, 84 

नहीं पड़ेगा हक पर डाका

जिले में घरेलू गैस के 9.73 लाख उपभोक्ता हैं। इनको 84 एजेंसी के जरिए सिलिंडर उपलब्ध कराया जाता है। उपभोक्ताओं के हक पर डाका न पड़े, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय व्यवस्था को फूल प्रूफ करने जा रहा है। इस व्यवस्था में गैस बुक कराने के बाद कैश मीमो जारी होते वक्त आने वाला डीएसी नंबर सबसे महत्वपूर्ण होगा। ये नंबर पंजीकृत नंबर पर ही जाएगा, जिससे डिलीवरी मैन के स्तर पर भी गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।

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