न हों परेशान, आगरा में इस वित्तीय साल से जमा करना होगा व्यावसायिक हाउस टैक्स

सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों की मांग पर मेयर ने लिया निर्णय टैक्स से जमा रकम से कराया जाएगा क्षेत्र में विकास कार्य। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने क्षेत्र को किया विकसित अब नगर निगम में शामिल हो गया है औद्योगिक क्षेत्र।

Tanu GuptaSat, 24 Jul 2021 02:46 PM (IST)
नगर निगम प्रशासन इस वित्तीय साल से टैक्स लेगा जो भी टैक्स जमा होगा।

आगरा, जागरण संवाददाता। सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र के सभी उद्यमियों के नजरिए से एक अच्छी बात है। दैनिक जागरण की पहल पर मेयर नवीन जैन ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया। औद्योगिक क्षेत्र के सभी प्रतिष्ठानों और इकाइयों से पिछले वित्तीय साल का व्यावसायिक हाउस टैक्स नहीं लिया जाएगा। उद्यमियों ने पूरा टैक्स उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआइडीए) कार्यालय में जमा करा चुके हैं। ऐसे में उद्यमियों को दोबारा टैक्स अदा करना पड़ता। नगर निगम प्रशासन इस वित्तीय साल से टैक्स लेगा जो भी टैक्स जमा होगा। उसकी सौ फीसद रकम को औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

नगर निगम में मेयर नवीन जैन और सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के साथ अहम बैठक हुई। इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। उद्यमियों ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष का व्यावसायिक हाउस टैक्स यूपीएसआइडीए में जमा किया जा चुका है। ऐसे में नगर निगम को अलग से टैक्स जमा नहीं किया जा सकता है। कोविड संक्रमण के चलते वैसे भी व्यापार ठीक से नहीं चल रहा है। मेयर ने उद्यमियों की समस्याओं को सुना और कहा कि जिस क्षेत्र में जितना हाउस टैक्स वसूला जाता है, उसका 60 फीसद विकास कार्यों पर खर्च होता है लेकिन सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र यह रकम सौ फीसद खर्च की जाएगी। नगरायुक्त निखिल टीकाराम ने कहा कि जल्द ही सड़कों का निर्माण, नालियों की मरम्मत सहित अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। हाउस टैक्स एक अप्रैल 2021 से प्रभावी माना जाएगा।

जमा कर सकते हैं टैक्स 

अपर नगरायुक्त विनोद कुमार ने कहा कि जिस उद्यमी को व्यावसायिक हाउस टैक्स जमा करानी में परेशानी आ रही है, वह उनके कार्यालय में संपर्क कर टैक्स से संबंधित समस्या बता सकते हैं।

हर दिन आती हैं शिकायतें

मेयर का कहा है कि सिकंदरा औद्योगिक क्षेत्र को लेकर हर दिन उनके पास शिकायतें आती हैं। निगम सीमा में न होने के कारण शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाता है लेकिन यह क्षेत्र निगम सीमा में आ गया है।

यह रहे मौजूद

 एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर, उद्यमी रजत अस्थाना, राजेश खुराना, अजय जैन, राजेश राठौर, दीपक अग्रवाल, कुलवीर सिंह, विजय निझावन, मुनीश कुमार गुप्ता, सचिन गोयल, कपिल गुप्ता, मुख्य अभियंता निर्माण बीएल गुप्ता, अश्वनी कुमार सिंह जोनल अधिकारी लोहामंडी, कर निर्धारण अधिकारी एससी भारतीय, सोबरन सिंह, जीवेंद्र प्रकाश मौजूद रहे।

यह हैं प्रमुख समस्याएं

- न झाड़ू लगना और न ही कूड़ा उठाना

- कूड़ा कलेक्शन न होना

- जर्जर सड़कें

- नालयों और नालों की सफाई न होना

- जल निकासी की समस्या 

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