आगरा में मृतक के परिवार से मिलीं प्रियंका गांधी, बोलीं अरुण को लगाया करंट और दीं यातनाएं

सफाईकर्मी के स्वजन ने प्रियंका गांधी वाड्रा को सुनाई पुलिस की बर्बरता। कहा-17-18 वाल्मीकि समाज के लोगों को हिरासत में लेकर टार्चर किया। प्रदेश में न्याय व्यवस्था व ला एंड आर्डर पर सरकार को घेरा। कहा हवाई अड्डे से कोई फायदा नहीं जब आप अपने घर में सुरक्षित नहीं हो।

Nirlosh KumarThu, 21 Oct 2021 01:37 AM (IST)
प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार देर रात आगरा में मृतक सफाई कर्मी अरुण के परिवार से मिलते हुए।

आगरा, जागरण संवाददाता। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार रात यहां आकर सफाई कर्मचारी अरुण के स्वजनों के आंसू पोंछे। स्वजनों ने उन्हें पुलिस की बर्बरता सुनाई। बकौल प्रियंका, अरुण की पत्नी ने बताया कि उनके पति को करंट लगाया गया। भाई ने कहा कि पुलिस वालों ने अरुण के हाथों को कुर्सी के पायों से दबाया और फिर उसी कुर्सी पर बैठ गए। आजाद भारत में ऐसा होने का उन्हें यकीन नहीं हो रहा है।

कांग्रेस महासचिव बुधवार तीसरे पहर लखनऊ से आगरा के लिए रवाना हुईं, वहां पहले पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में सशर्त आगरा जाने की अनुमति दी। रात करीब 11 बजे प्रियंका गांधी सफाईकर्मी लोहामंडी की वाल्मीकि बस्ती स्थित आवास पर पहुंचीं। उनके आने से पूर्व बड़ी संख्या में पार्टीजन वहां पहुंच गए थे। प्रियंका अरुण के स्वजनों के बीच करीब पौन घंटे तक रहीं। कांग्रेस नेत्री ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने बर्बरता की हद पार कर दी है। अरुण की पत्नी ने उन्हें बताया कि वाल्मीकि समाज के 17-18 लोगों को पुलिस ने अलग-अलग जगह से उठाया और चार दिन तक थाने में बेरहमी से पिटाई की। अरुण के घर में पुलिस ने तोड़-फोड़ भी की। उनके भाई की बेटी की शादी का सामान रखा था, उसे भी पुलिस ने तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के समय परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। परिवार को इसकी रिपोर्ट भी नहीं दी गई। अरुण के भाई को पढ़ना नहीं आता है, लेकिन उससे दस्तखत करा लिए गए।

राजस्थान के मुख्यमंत्री से करूंगी बात

कांग्रेस महासचिव ने बताया कि अरुण का परिवार राजस्थान के भरतपुर से भी ताल्लुक रखता है। वहां से भी पुलिस लोगों को उठाकर लाई थी। मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात करूंगी और उनसे मदद भी दिलाऊंगी।

आखिर किस तरह का देश बना रहे हैं

प्रियंका ने कहा कि उप्र में न्याय किसी के लिए नहीं, सिर्फ मंत्रियों के उन बेटों के लिए है जो अपराध करते हैं। अरुण के स्वजनों ने मुझसे कहा कि हमें दस लाख रुपये नहीं, न्याय चाहिए। मैं जानना चाहती हूं कि गरीबों, किसानों और महिलाओं के लिए न्याय क्यों नहीं हैं। वो चाहते हैं हम चुप रहें। मोदी और योगी सरकार ने आखिर दिया क्या है? घर से निकालकर घसीटकर मारा जाता है। चार दिन थाने में रखकर पिटाई की जाती है और आप कुछ नहीं कर सकते हैं। आखिर यह कैसा देश बना रहे हैं।

प्रदेश में नहीं है ला एंड आर्डर

प्रियंका ने कहा कि वो दो वर्षों से उप्र में कैंप कर रही हैं। यहां ला एंड आर्डर नहीं है। यहां गरीब, किसान, महिलाओं के लिए न्याय का कोई नामोनिशान नहीं है। यह जो पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा में लगे हैं, यह क्या करेंगे, जब देशवासियों की सुरक्षा नहीं हो सकती। हवाई अड्डे से कोई फायदा नहीं है, जब आप अपने घर मेंं ही सुरक्षित नहीं हैं। वहीं, महिला पुलिसकर्मियों पर सेल्फी लेने पर कार्रवाई को उन्होंने फिजूल की बात बताया।

टोल से निकलीं 20 गाड़ियां

एसओ फतेहाबाद राकेश कुमार सागर ने बताया कि टोल से प्रियंका गांधी वाड्रा के काफिले में करीब 20 गाड़ियां बिना टोल के निकली थीं।

प्रदेश अध्यक्ष आए साथ

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम् लखनऊ से प्रियंका के साथ आए थे। इससे पूर्व ही पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, प्रदेश सचिव उपेंद्र सिंह, अमित सिंह, जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू, शहर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार चिल्लू, अश्वनी जैन, दुष्यंत शर्मा, दिनेश बाबू शर्मा, हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, शब्बीर अब्बास, प्रदीप पुरी, शबाना खंडेलवाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता वाल्मीकि बस्ती पहुंच गए थे।

कोर्ट की निगरानी में हो जांच: संजय सिंह

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पुलिस हिरासत में सफाईकर्मी अरुण की मौत के मामले में कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब पुलिस ही आरोपित हो, ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

बुधवार देर रात सफाईकर्मी के स्वजनों से मिलने पहुंचे संजय सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सफाईकर्मी अरुण की मौत पुलिस उत्पीड़न से हुई है। पुलिस जब अरुण को घर से ले गई थी, तब वह ठीक थे। पुलिस ने दरिंदगी की सारी हदें पार की हैं। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं सीएम योगी से कि जो पुलिस लोगों की रक्षा के लिए बनी है, वह लोगों की हत्याएं क्यों कर रही है। गोरखपुर में मनीष की हत्या हुई। मांग की कि अरुण के स्वजन को एक करोड़ की धनराशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि यूपी में मारो और मुआवजा दो की नीति चल रही है। हमारी पार्टी अरुण के परिवार के साथ है। सड़क से संसद तक हम उनकी लड़ाई लड़ेंगे। प्रशासन ने संजय सिंह को अरुण के घर नहीं जाने दिया। उनके स्वजन को वाल्मीकि वाटिका में बुलाकर मुलाकात कराई।

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