फर्जी प्रमाण-पत्र से पाई नियुक्ति निरस्त, विभागीय जिम्मेदारी पर असमंजस

सुनवाई में साक्ष्य उपलब्ध न करा पाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने की कार्रवाई कालेज व विभागीय मिलीभगत के आरोप की कराएंगे जांच

JagranWed, 29 Sep 2021 08:55 PM (IST)
फर्जी प्रमाण-पत्र से पाई नियुक्ति निरस्त, विभागीय जिम्मेदारी पर असमंजस

आगरा, जागरण संवाददाता। फर्जी वारिसान प्रमाण-पत्र से नौकरी पाने का मामला गर्माने लगा है। शिकायत और फर्जीवाड़े की उंगलियां उठने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने नियुक्ति निरस्त कर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी शुरु कर दी है, लेकिन विभागीय मिलीभगत पर जिम्मेदारी तय करने को लेकर असमंजस की स्थिति है।

जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत पर उन्होंने 14 सितंबर को आरोपित अभिषेक उपाध्याय को बुलाकर सुनवाई की। उसने बताया कि अतुल प्रकाश भारद्वाज ने उसे बचपन में गोद लिया था, वह बहुत छोटा था, इसलिए उसे जानकारी नहीं थी। उनकी मृत्यु के बाद गोद लेने की बात पता चली, तो वह सक्रिय हुआ। गोदनामा या अन्य कोई कागजात वह प्रस्तुत नहीं कर सका। इस कारण उसकी नियुक्ति निरस्त कर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। नियुक्ति देने पर उठ रहे सवाल

जिला विद्यालय निरीक्षक मामले में आरोपित अभिषेक उपाध्याय को ही जिम्मेदार मान रहे हैं, लेकिन विभागीय व कालेज स्तर से उसे किसका सहयोग मिला? उसके कागजातों की पहले जांच क्यों नहीं हुई? मृतक की मां द्वारा बड़े बेटे के पुत्र को उत्तराधिकारी बनाने पर प्रधानाचार्य द्वारा पहले मना करने और फिर अभिषेक का वारिसान प्रमाण-पत्र स्वीकार कर नियुक्ति फाइल विभाग भेजने, विभाग द्वारा बिना जांच फाइल कमेटी को भेजने और नियुक्ति आदेश जारी करने पर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय प्रक्रिया में सेंधमारी कैसे हुई, इसे रोकना किसकी जिम्मेदारी थी, इस सवालों का जवाब कोई नहीं दे रहा।

यह है मामला

बालूगंज स्थित हुब्बलाल इंटर कालेज में लिपिक अतुल प्रकाश भारद्वाज का निधन 12 मार्च 2019 को हुआ। मई 2021 में हुब्बलाल इंटर कालेज ने आश्रित के रूप में अभिषेक उपाध्याय का नियुक्ति प्रस्ताव विभाग में भेजा गया। विभाग ने प्रस्ताव कमेटी के सामने रखा और कमेटी ने सरैंधी स्थित नवाब सिंह हाईस्कूल में शिक्षक पद पर नियुक्ति करने के आदेश दे दिए। आरोपित ने विद्यालय में जाकर 20 जुलाई को ज्वाइनिग कर ली, लेकिन प्रधानाचार्य द्वारा सत्यापन के लिए प्रमाण-पत्र मांगने वह टालने लगा। प्रधानाचार्य ने शिकायत जिला विद्यालय निरीक्षक और कंट्रोलर सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक से कर दी।

सत्यापन के लिए नहीं दिए प्रमाण पत्र

हुब्बलाल इंटर कालेज और नवाब सिंह हाईस्कूल के कंट्रोलर और सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक सुभाष बाबू गौतम का कहना है कि मृतक आश्रित के रूप में जो प्रमाण-पत्र व कागज उपलब्ध कराए गए, पत्रावलियां उसी के आधार पर तैयार कर नियुक्ति के लिए विभाग में भेजी गई। विभाग ने नियुक्ति दे दी। वेतन भुगतान से पूर्व प्रमाण-पत्र सत्यापन के लिए मांगने पर आनाकानी के बाद प्रधानाचार्य के शिकायत करने पर जांच हुई और नियुक्ति निरस्त कर दी गई है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.