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Ambedkar University: पीएचडी व एमफिल वायवा के लिए मिला ऑनलाइन का विकल्प

Ambedkar University: पीएचडी व एमफिल वायवा के लिए मिला ऑनलाइन का विकल्प
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 07:00 PM (IST) Author: Tanu Gupta

आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना काल में हो रहे बदलावों में अब पीएचडी और एमफिल के वायवा भी ऑनलाइन हो रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने इसका विकल्प दे दिया है। परीक्षा समिति में हुए फैसले के बाद पीएचडी और एमफिल के शोधार्थी ऑनलाइन वायवा में शामिल हो सकेंगे।

पीएचडी के वायवा के लिए शोधार्थी सुपरवाइजर और परीक्षक से बात करने के बाद ऑनलाइन वायवा के लिए शोध विभाग में आवेदन करेंगे। इसके बाद यह आवेदन कंट्रोलर ऑफ एग्जाम के माध्यम से कुलपति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद विवि ऑनलाइन वायवा की प्रक्रिया को शुरू कर देगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि एमफिल के ऑनलाइन वायवा की रिकार्डिंग विभाग में सुरक्षित रखी जाएगी। साथ ही पीएचडी के वायवा में भी रिकार्डिंग की जाएगी। बता दें कि परीक्षा समिति की बैठक में वायवा संबंधी फैसला लिया गया था। कोरोना काल में जो शोधार्थी ऑनलाइन वायवा का विकल्प चुनेंगे, उन्हें विवि द्वारा यह सुविधा दी जाएगी।

प्रतियोगिता आयोजन को बनाई कमेटियां

स्वतंत्रता दिवस पर आंबेडकर विवि द्वारा आयोजित की जाने वाली ऑनलाइन सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए मंगलवार को कमेटियों का गठन किया गया।साथ ही प्रतियोगितों के विषय भी तय किए गए।

पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का विषय मेरा तिरंगा, मेरा भारत, हम भारत के लोग है। पेेंटिंग प्रतियोगिता के लिए भारत के रंग, राष्ट्रीय एकता व आजादी के नायक विषय तय किए गए हैं। इनमें से किसी एक विषय पर प्रविष्टि देनी होगी। लोक गायन एवं सुगम गायन में देश भक्ति से प्रेरित गैर फिल्मी गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। काव्य पाठ में देश की आजादी पर आधारित किसी भी प्रसिद्ध कवि की कविताओं का पाठ करना होगा। प्रविष्टियां कालेज प्राचार्य, संस्थान निदेशक और विभागाध्यक्षों के माध्यम से भेजी जाएंगी। 12 अगस्त अंतिम तिथि है। विजेताओं की घोषणा 15 अगस्त को की जाएगी। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ब्रजेश रावत ने बताया कि प्रविष्टि भेजने के लिए विवि की वेबसाइट पर फॉर्म व ङ्क्षलक उपलब्ध कराया गया है।

प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए आयोजित समितियों में चित्रकला समिति में प्रो. विनीता सिंह, डा. सुनीत गुप्ता व डा. नीलम कांत शामिल हैं। संगीत विधा समिति में डा. प्रतिमा गुप्ता, डा. देवाशीष गांगुली व डा. अंशवाना सक्सेना हैं। संयोजन सेंट जोंस कालेज के प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह करेंगे।  

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