हंगामे का रहा डर, केंद्रों से एक साथ नहीं निकाले परीक्षार्थी

यूपी टेट रद होने के आदेश आते ही अधिकारियों में मची अफरातफरी केंद्रों पर पुलिस ने तत्काल संभाली सुरक्षा व्यवस्था

JagranPublish:Sun, 28 Nov 2021 08:48 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 08:48 PM (IST)
हंगामे का रहा डर, केंद्रों से एक साथ नहीं निकाले परीक्षार्थी
हंगामे का रहा डर, केंद्रों से एक साथ नहीं निकाले परीक्षार्थी

आगरा, जागरण संवाददाता। उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टेट) बीच में रद होने के संदेश से अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। अधिकारियों को आशंका थी कि परीक्षार्थी हंगामा कर सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए केंद्रों से एक-एक कर उन्हें निकाला गया। उधर, कुछ ही देर में परीक्षा केंद्रों पर पुलिस ने पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली।

रविवार को आगरा में कई केंद्रों पर उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा थी। परीक्षार्थी परीक्षा देने भी लगे थे। वे 25 से 40 फीसद तक सवाल हल कर चुके थे, तभी अचानक परीक्षा रद करने का संदेश केंद्रों पर आ गया। इससे अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। हंगामे की आशंका को देखते हुए कक्ष निरीक्षकों को परीक्षार्थियों से ओएमआर शीट और प्रश्न-पत्र की बुकलेट वापस लेने और परीक्षार्थियों को एक-एक करके केंद्र से धीरे-धीरे बाहर निकालने के आदेश दिए गए। कुछ देर बाद पुलिस ने केंद्रों पर पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। कुछ केंद्रों ने लिखित आदेश का किया इंतजार

अधिकारियों के मौखिक आदेश के बाद कुछ केंद्रों ने तत्काल परीक्षा रोक दी, जबकि कुछ केंद्रों ने लिखित आदेश आने तक इंतजार किया और प्रशासनिक आदेश मिलने पर ही परीक्षा रद की। हंगामे की रही आशंका

परीक्षा रद होने के बाद हंगामे की आशंका गहराने लगी, इसलिए एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि परीक्षार्थियों को एक-एक कर कक्षा से बाहर निकालें। तब तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रों पर कमान संभाल ली। परीक्षार्थियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और केंद्र से बाहर निकालकर गंतव्य के लिए रवाना किया। दोनों पाली की परीक्षा रद

जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) मनोज कुमार ने बताया कि शासन से वायरलेस संदेश मिला कि यूपी टेट को तुरंत रद किया जाता है। संदेश मिलते ही सभी केंद्रों को इससे अवगत कराकर परीक्षा रुकवाई गई और अभ्यर्थियों से परीक्षा सामग्री वापस ले ली गई। लेकिन, परीक्षा रद होने के कारण पर सभी ने चुप्पी साध रखी थी। सभी सिर्फ शासन के आदेश का अनुपालन करने की बात करते दिखे। 65,328 परीक्षार्थी होने थे शामिल

जिले में यूपी टेट के लिए 65,328 परीक्षार्थी आवंटित थे। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक 80 केंद्रों पर होनी थी, जिसमें 39,351 परीक्षार्थी शामिल होते। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 से शाम पांच बजे तक 55 केंद्रों पर होती, जिसमें 25,977 परीक्षार्थी शामिल होते। सड़कों पर लगा जाम

परीक्षा रद होते ही परीक्षार्थियों की भीड़ एक साथ सड़कों पर उतरी, तो सड़कें जाम हो गईं। स्थानीय परीक्षार्थी अपनी गाड़ियों से केंद्रों पर पहुंचे थे, जिस कारण शहर के ज्यादातर रास्तों पर जाम के हालात रहे। वहीं, बाहरी जिलों से आए अभ्यर्थियों को बसों और अन्य वाहनों के लिए परेशान होना पड़ा। भीड़ के कारण हरीपर्वत, सेंट जोंस, भगवान टाकीज, सिकंदरा, वाटर व‌र्क्स, फतेहाबाद रोड, यमुना किनारा रोड आदि क्षेत्रों में जाम के हालात रहे। बसों के लिए रही मारामारी

परीक्षा रद होते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत परीक्षार्थियों के लिए रोडवेज बसों में सफर निश्शुल्क कराने का आदेश दे दिया, लेकिन दोनों पाली की भीड़ एकदम बस अड्डों पर पहुंचने से बसों की संख्या कम पड़ गई। परीक्षार्थियों को बसों में घुसने के लिए जोर-आजमाइश करनी पड़ी। कई लोगों को छत पर चढ़कर सफर करना पड़ा। अभ्यर्थी शाम तक गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का इंतजार करते नजर आए।