यह मशीन है खास, पहले पानी फेंकेगी फिर लगाएगी झाड़ू, नहीं उड़ेगी मिट्टी

अत्‍याधुनिक सफाई मशीन को रवाना करते मेयर नवीन जैन।

नगर निगम के पास पांच बड़ी और ढाई दर्जन छोटी मशीनें। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत दो मशीनों की हुई है खरीद। पहले चरण में एमजी रोड और सिकंदरा-बोदला रोड में सुबह और शाम चार-चार घंटे मशीनों से झाड़ू लगेगी। दो शिफ्ट में होगी सफाई।

Publish Date:Fri, 22 Jan 2021 12:50 PM (IST) Author: Prateek Gupta

आगरा, अमित दीक्षित। यह मशीन कुछ खास है जिस काम को सफाई कर्मचारी दिन भर में पूरा कर पाते थे। उसे यहां मशीन एक घंटे में आसानी से पूरा करेगी। यानी मशीन एक घंटे में पांच किमी क्षेत्र में झाड़ू लगाएगी। एमजी रोड और सिकंदरा-बोदला रोड में सुबह और शाम चार-चार घंटे मशीनों से झाड़ू लगेगी।

मेयर नवीन जैन ने बताया कि एक घंटे में पांच किमी क्षेत्र या फिर 17500 वर्ग मीटर में एक मशीन झाड़ू लगाएगी। निगम के पास अब पांच बड़ी मशीनें हो गई हैं। पहली मशीन भगवान टाकीज से प्रतापपुरा चौराहा तक और दूसरी मशीन सिकंदरा तिराहा से बोदला, मारुति एस्टेट, कोठी मीना बाजार मैदान होते हुए सुभाष पार्क तक झाड़ू लगाएगी। मेयर ने बताया कि पहला माउंटेड मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन सुबह सात से सुबह 11 बजे और शाम साढ़े छह से रात दस बजे तक सफाई करेगी।

नहीं उड़ेगी मिट्टी

मेयर ने बताया कि मशीन से सफाई में मिट्टी नहीं उड़ेगी, जबकि मैनुअल सफाई में मिट्टी उड़ती है। मशीनों से सफाई में 2.5 माइक्रो मीटर या फिर इससे अधिक साइज के मिट्टी के कण नहीं उड़ेंगे।

बीएस-6 इंजन लेकिन इतना धुआं

माउंटेड मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन बीएस-6 के मानक को पूरा करती है लेकिन शुभारंभ के दौरान जिस तरीके से वाहन से धुआं निकला। उसे देखकर लोग चौंक गए। वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिन मशीनों का प्रयोग किया जाना है। उनसे इतना धुआं कैसे निकल सकता है। इसे लेकर सवालिया निशान लग रहे हैं। निगम के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। मशीन से एक किमी की सफाई में 16 लीटर डीजल लगेगा। डीजल टैंक की क्षमता 168 लीटर है। वाटर टैंक 1800 लीटर का है। केबिन में कंट्रोल पैनल लगे हुए हैं। 

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