Water Supply in Agra: राहत, 28 इंच की लाइन की हुई मरम्मत, आगरा के पुराने क्षेत्र में जलापूर्ति शुरू

Water Supply in Agra 23 जुलाई की सुबह सात बजे आगरा के जीवनी मंडी वाटरवर्क्स परिसर में हुआ था लीकेज। बुधवार रात तीन बजे मरम्मत का कार्य हुआ पूरा यमुनापार को मिली पानी की समस्या से राहत मिली।

Tanu GuptaThu, 29 Jul 2021 10:01 AM (IST)
23 जुलाई की सुबह सात बजे आगरा के जीवनी मंडी वाटरवर्क्स परिसर में हुआ था लीकेज।

आगरा, जागरण संवाददाता। यमुनापार और पुराने शहर में छह दिनों से चल रही पेयजल समस्या से गुरुवार सुबह राहत मिल गई। जीवनी मंडी वाटरवर्क्स परिसर में जल संस्थान की टीम ने 28 इंच की लाइन की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया। 23 जुलाई की सुबह सात बजे लाइन में लीकेज हुआ था। छह दिनों तक लगातार टीम ने कार्य किया। लीकेज के चलते यमुनापार और पुराने शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ था। जल संस्थान के महाप्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि गुरुवार सुबह से जलापूर्ति शुरू हो गई है। संभव है कि कुछ क्षेत्रों में पानी का प्रेशर कमजोर रहा हो।

पालड़ा फाल से कभी भी बंद हो सकती है गंगाजल की आपूर्ति 

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगाजल में मिट्टी की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पालड़ा फाल, बुलंदशहर से मिलने वाले 350 एमएलडी गंगाजल को कभी भी बंद किया जा सकता है। मिट्टी की मात्रा में कमी होने के बाद गंगाजल की आपूर्ति शुरू होगी। पेयजल संकट को देखते हुए जल संस्थान के अफसरों ने तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही जीवनी मंडी वाटरवर्क्स और एमबीबीआर प्लांट से यमुना जल की आपूर्ति को बढ़ाया जाएगा। जल संस्थान के महाप्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से 100 एमएलडी और एमबीबीआर प्लांट से 144 एमएलडी यमुना जल की आपूर्ति हो सकती है।

250 मीटर की दूरी से लाना पड़ रहा पानी

सीता नगर निवासी गोपीचंद बघेल ने बताया कि 250 मीटर की दूरी से पानी लाना पड़ रहा है। सुबह से लेकर शाम तक यह स्थिति बनी हुई है।

 

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