चौंक जाएंगे ये जानकर, मोबाइल पर ज्‍यादा बातचीत कैसे कर रही डायबिटीज आउट ऑफ कंट्रोल Agra News

आगरा, अजय दुबे। मधुमेह (डायबिटीज) को दवाओं से कंट्रोल कर सकते हैं। मगर, दवाएं लेने के बाद भी मधुमेह रोगियों में शुगर का स्तर अनियंत्रित मिल रहा है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए एसएन में हुई स्टडी में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सुबह और रात में मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले मधुमेह रोगियों में डायबिटीज कंट्रोल से बाहर मिली है। इससे इतर, मोबाइल का सीमित इस्तेमाल वह भी दिन में करने वाले मधुमेह रोगियों में शुगर का स्तर नियंत्रित मिला है।

एसएन के मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम और डॉ. प्रभात अग्रवाल द्वारा स्टडी (जनवरी से अक्टूबर 2019) कराई गई। इसमें मधुमेह रोगियों के दो ग्रुप बनाए गए। इन दोनों ग्रुप में 30-30 मरीज रखे गए। इन 60 मरीजों के मोबाइल में ‘मोबाइल स्क्रीन टाइम यूज’ एप डाउनलोड किया गया। इन मरीजों की तीन महीने बाद स्क्रीनिंग की गई, एप की मदद से मोबाइल इस्तेमाल करने के घंटे और समय का डाटा लिया गया। इन सभी मरीजों की एचबीएवन सी (ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट, तीन महीने का शुगर का औसत स्तर) की जांच कराई गई। मोबाइल इस्तेमाल करने का डाटा और एमबीएवन सी की रिपोर्ट का आकलन किया गया। इसमें सुबह सात से नौ बजे और रात में 10 बजे के बाद देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले मधुमेह रोगियों में एचबीएवन सी 6.5 से आठ के बीच (सामान्य स्तर 6.5 से कम होना चाहिए) में मिला। वहीं, जिन मरीजों की एचबीएवन सी 6 से कम थी, वे दिन में तीन से चार घंटे के लिए ही मोबाइल इस्तेमाल कर रहे थे। इनके द्वारा सुबह और रात में मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। यह स्टडी जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया जापी में प्रकाशित करने के लिए भेजी गई है।

सुबह और रात में मोबाइल का इस्तेमाल करने से डायबिटीज अनकंट्रोल हो रही है। स्टडी में यह सामने आया है।

डॉ. आशीष गौतम, एसोसिएट प्रोफेसर एसएन मेडिकल कॉलेज

देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने से नींद पूरी नहीं होती है, तनाव रहता है, इससे शुगर कंट्रोल नहीं हो रही है।

डॉ. प्रभात अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर एसएन मेडिकल कॉलेज

मोबाइल के सीमित इस्तेमाल से शुगर का स्तर नियंत्रित

जिन मरीजों में शुगर का स्तर अनियंत्रित मिला, उन्हें अगले तीन महीने मोबाइल का सीमित इस्तेमाल करने के लिए कहा गया। इन मरीजों ने दिन में ही मोबाइल का, वह भी सीमित इस्तेमाल किया। तीन महीने के बाद एचबीएवन सी छह के करीब मिला है।

हार्मोन का स्तर गड़बड़ाने से शुगर होती अनियंत्रित

स्टडी में सामने आया है सुबह और देर रात तक मोबाइल पर वाट्स एप और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने में लगते रहते हैं। इससे उनकी नींद पूरी नहीं हो रही है, दिन भर तनाव में रहते हैं। इससे एड्रनलिन हार्मोन का स्राव हो रहा है, यह हार्मोन शुगर का स्तर अनियंत्रित करने का कारक है। वहीं, जो लोग सुबह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं वे टहलने जाते हैं, रात में टहलने के बाद जल्दी सो रहे हैं। इससे उनका शुगर का स्तर नियंत्रित है।

 

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