मथुरा में जहरीला हुआ नाले का पानी, तड़प− तड़प कर एक दर्जन जानवारों की मौत

ग्रामीणों में आक्रोश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लिए जांच को नमूना। राजस्थान से चरवाहा अपने जानवरों को इस क्षेत्र में चराने के लिए लाए थे। प्रचंड गर्मी के कारण जानवर पानी पीने के लिए नाले में घुस गए। पानी पीते ही जानवरों ने तड़पना शुरू कर दिया।

Tanu GuptaPublish:Sun, 05 Jun 2022 08:28 AM (IST) Updated:Sun, 05 Jun 2022 08:28 AM (IST)
मथुरा में जहरीला हुआ नाले का पानी, तड़प− तड़प कर एक दर्जन जानवारों की मौत
मथुरा में जहरीला हुआ नाले का पानी, तड़प− तड़प कर एक दर्जन जानवारों की मौत

आगरा, जागरण टीम। मथुरा जिले के कोसीकलां में स्थानीय औद्योगिक एरिया के बीच में होकर गुजर रहे नाले का जहरीला पानी पीने से शनिवार एक दर्जन जानवरों की मौत हो गई। राजस्थान से चरवाहा अपने जानवरों को इस क्षेत्र में चराने के लिए लाए थे। घटना को लेकर नवीपुर के ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नाले के पानी की जांच के लिए नमूना लिए हैं।

भरतपुर जिले के थाना कामा क्षेत्र के गांव सिगरोली निवासी सुरेंद्र मुंशी और मोहन सिंह चरवाहा हैं। दोनों सुबह 80-90 जानवरों (भैंस) को चराने के लिए गांव नवीपुर के जंगल में आए थे। यहां होकर औद्योगिक क्षेत्र का एक नाला भी गुजर रहा है। प्रचंड गर्मी के कारण जानवर पानी पीने के लिए नाले में घुस गए। पानी पीते ही जानवरों ने तड़पना शुरू कर दिया और देखते ही देखते एक दर्जन जानवरों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पशुपालन विभाग और इलाका पुलिस को दी, लेकिन एक घंटे तक कोई भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। सुरेंद्र मुंशी ने कहा, नाले में जहरीला पानी था। इसको पीने से उनके जानवरों की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है, कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नाले में केमिकल का पानी फैक्ट्री डाल रही है। इससे सिंचाई किए जाने पर फसलों पर नुकसान होता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई इंजीनियर डीके गुप्ता अपनी टीम के साथ पहुंचे और नाले के पानी के नमूना लिए। इस दौरान तहसीलदार छाता राखी शर्मा मौजूद थीं। गांव नवीपुर निवासी भोलू, रिषी राज, यशवीर ने कहा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनदेखी के कारण नाले में दूषित पानी आ रहा है।