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47 साल के भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस संन्यास लेने के फैसले पर करेंगे विचार

कोलकाता, आइएएनएस। महान टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने कहा है कि वह पूरा टेनिस कैलेंडर आने के बाद ही अपने करियर की आगे की रणनीति पर फैसला करेंगे। कोविड-19 के कारण इस समय टेनिस नहीं हो रहा है। हाल में ही में अपने जीवन के 47 साल पूरे करने वाले पेस ने कहा था कि 2020 उनके करियर का आखिरी साल होगा और वह टोक्यो ओलंपिक खेलना पसंद करेंगे, लेकिन कोविड-19 के कारण इसका कोई मतलब नहीं रह गया।

पेस ने कहा, 'अभी इस समय सबसे अहम चीज स्वास्थ्य है। अभी इस समय आप पूरे टेनिस कैलेंडर का प्लान नहीं कर सकते। यह समय है जब आप अपने परिवार और समुदाय का ख्याल रखें। यूएस ओपन अगस्त-सितंबर में होना था, फ्रेंच ओपन अक्टूबर में होना है। लेकिन मैं अमेरिका में कोविड-19 के मामले बढ़ते हुए देख रहा हूं। हम भारतीय खिलाडि़यों के लिए वहां जाना अभी सही नहीं होगा। मुझे लगता है कि टेनिस जैसे खेल के लिए वैश्विक यातायात तभी संभव है जब वैक्सीन बन जाए और उपलब्ध हो जाए।'

उन्होंने कहा, 'टेनिस में, हम वैश्विक खेल खेलते हैं। हमें सप्ताह दर सप्ताह सफर करना पड़ रहा है। हम एयरपोर्ट से होटल, स्टेडियम और सामाजिक जगहों पर जाते हैं। इसलिए इस स्थिति में यह काफी मुश्किल है। मेरी पूरी टीम 30 साल की कड़ी मेहनत के बाद ब्रेक का आनंद ले रही है। जब टेनिस का खेल अपनी पूरी लय में शुरू होने लगेगा तब हम स्थिति का निरिक्षण करेंगे। इस महामारी का प्रभाव काफी बड़ा है। आप इसे देख नहीं सकते। कई मामलों में वायरस बिना लक्षणों के इंसान के शरीर में बैठा रहता है।'

पेस ने कहा, 'यह लॉकडाउन दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और हम सभी इसे मानने के लिए मजबूर हैं, लेकिन यह जरूरी है कि हम खुश रहें, अपने प्यारे लोगों के साथ अच्छा समय बिताते रहें अपने फोन वगैरह इस्तेमाल करते रहें और इस नई स्थिति में अपने आप के लिए नए सामान्य व्यवहार को खोजते रहें। टोक्यो ओलंपिक खेलों के संबंध में भी, जो अब 2021 तक के लिए टाल दिए गए हैं, जरूरी है कि हम वर्तमान में रहें और सप्ताह दर सप्ताह स्थिति को देखते रहें। हम सभी नहीं जानते कि वैक्सीन कब आएगी और कब हम अपनी सामान्य जिंदगी में लौटेंगे।'

 

पेस ने इस समय में ओलंपिक एथलीट की मुश्किलों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, 'हम ऐसे ही पैसे कमाते हैं। पांच-छह महीने की फिटनेस को गंवा देना काफी मुश्किल है। ओलंपिक एथलीट एक टूर्नामेंट के लिए चार साल तैयारी करता है। कुछ 100 मीटर के धावकों को देखिए, वह 10 सेकेंड के लिए चार साल मेहनत करते हैं। हमारे लिए यह जरूरी है कि हम इस समय खुश रहें और धैर्य बनाए रखें।'

 

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