#NayaBharat: लोकल मैन्युफैक्चरिंग को लेकर मिल सकती है राहत- अर्जुन बजाज

#NayaBharat: लोकल मैन्युफैक्चरिंग को लेकर मिल सकती है राहत- अर्जुन बजाज
Publish Date:Mon, 25 May 2020 08:00 PM (IST) Author: Harshit Harsh

नई दिल्ली, टेक डेस्क। JagranHiTech के नए कन्वर्सेशन #NayaBharat में हम इंडस्ट्री जगत के उद्मियों से बातचीत करते हैं। इस सीरीज को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन के विजन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। देश की आर्थिक गति को फिर से पटरी पर लाने के लिए इंडस्ट्री के लीडर्स की क्या प्लानिंग है, ये जानने के लिए Jagran HiTech के एडिटर सिद्धार्था शर्मा ने इंडस्ट्री के लीडर्स और एक्सपर्ट्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की है। #NayaBharat के आज के एपिसोड में JagranHitech के एडिटर सिद्धार्थ शर्मा ने videotec के डायरेक्टर और DAIWA के फाउंडर अर्जुन बजाज से बातचीत की। इस दौरान कोविड-19 की वजह से इंडियन फाइनेंशियल सेक्टर को दोबारा से रिवाइव करने से लेकर पॉजिटिव तरीके से इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के मुद्दे पर बातचीत हुई।

सिद्धार्थ शर्मा - Covid-19 का बिजनेस का क्या असर पड़ा है?

अर्जुन बजाज- दुनियाभर में चीन कच्चे माल का बड़ा सप्लायर देश है। ऐसे में जब चीन से कोविड-19 से शुरूआत हुई, तो सप्लाई चेन बिगड़ने का मुद्दा काफी बड़ा रहा था। लेकिन इस मामले में एक कंपनी के तौर पर हम काफी लकी रहे हैं, क्योंकि हम दो से तीन माह का स्टॉक पहले से लेकर चलते हैं। दूसरा भारत को लेकर मुझे उम्मीद नहीं थी, कि यहां इतने बड़े पैमाने पर कोविड-19 फैल जाएगा। चीन में कोविड-19 के खत्मे के साथ भारत में यह तेजी से फैला और इसमें दो माह से ज्यादा का लंबा वक्त लग गया।

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सिद्धार्थ शर्मा- आपका व्यापार को दोबारा से पटरी पर लाने का क्या प्लान है? टेलीविजन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री पर इसका असर कैसे देख रहे हैं? 

अर्जुन बजाज - भारत में जैसे ही लॉकडाउन शुरू हुआ, तो शुरुआती एक हफ्ते तक मुझे यही सोचने में लग गए कि आखिर आगे कैसे काम होगा। तीन हफ्तों का लॉकडाउन। मतलब कोई सेल्स नहीं, कोई प्रोडक्शन नहीं, कोई कैश फ्लो नहीं। लेकिन एक हफ्ते बाद हमने सारे मैनेजमेंट के साथ एक मीटिंग रखी, जिसमें सबके सुझाव लिए और समझा कि आगे कैसे काम करना है। हमने रास्ता निकाला कि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखकर हम लोग प्रोडक्शन कैसे कर सकते हैं? साथ ही हम अपने सप्लायर को कैसे सपोर्ट कर सकते हैं? हमें अपने कस्टमर्स को कैसे सेफ रखना है। किस तरह से ऑफर प्रोवाइड कराना है। इस तरह हमने कई सारी रणनीति बनाई है। जिसे लॉकडाउन हटने के साथ ही लागू किया जाएगा। लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था को थोड़ा नुकसान जरूर होगा, क्योंकि प्रोडक्ट के डिमांड में धीरे-धीरे ग्रोथ दर्ज की जाएगी। हम चरणबद्ध तरीके से 50 फीसदी कार्यबल के साथ प्रोडक्शन चालू करेंगे। लेकिन आगे परेशानी ज्यादा हो सकती है। लॉकडाउन के चलते बड़ी तादात में लेबर वर्कफोर्स अपने घर चला गया है।

सिद्धार्थ शर्मा- ऑनलाइन पार्टनर ने आपकी किस तरह से मदद की है?

अर्जुन बजाज- ऑनलाइन में लॉकडाउन-2 के बाद सेल्स की इजाजत मिल गई थी। लेकिन जिस दिन सेल्स शुरू होनी थी, उसी दिन इसे बंद कर दिया गया था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को इजाजत दी गई कि ऑरेंज और ग्रीन जोन में सेल्स शुरू की जा सकती है, तो इन रीजन में हमने सेल्स शुरू कर दी और यहां का रेस्पांस काफी अच्छा रहा है। दरअसल अब लोगों को स्मार्ट टीवी की समझ आ गई है। घर बैठे लोग समझ रहे हैं कि कोविड-19 जैसी स्थिति में टीवी का हर काम स्मार्टफोन पर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में एंटरटेनमेंट के लिए स्मार्ट टीवी की आवश्यकता महसूस की जा रही है?

सिद्धार्थ शर्मा - पीएम मोदी ने छोटे और मध्यम वर्ग के कारोबार (MSME) के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है? क्या यह राहत पैकेज अर्थव्यवस्था को दोबारा से ट्रैक पर वापस लाने के लिए काफी है? साथ ही पीएम मोदी की ओर से आत्म निर्भर भारत बनाने की बात कही गई है? आपका एक इंडियन ब्रांड है। ऐसे में इस बारे में आप क्या कहेंगे?

अर्जुन बजाज- पीएम मोदी की ओर से राहत पैकेज दिया गया है, वो एमएसएमई के लिए है। इस पैकेज के ऐलान से पहले MSME अलग कैटेगरी में था, जिसे दोबारा से परिभाषित कर दिया गया है। ऐसे में कई सारी फर्म को एसएमएमई से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में ये फर्म राहत पैकेज का लाभ नहीं उठा पाएंगी। कुछ फैक्टर्स हैं, जिससे हम लोगों को फायदा होगा, जैसे अगले तीन माह तक 2 फीसदी ईपीएफ रिडक्शन का कंपनी को फायदा मिलेगा। लेकिन बड़े पैमाने पर फायदा होने की उम्मीद नहीं है। लेकिन अभी वित्त मंत्री कई अन्य ऐलान भी करेंगी। ऐसे में हमें उम्मीद है कि लोकल मैन्युफैक्चरिंग को लेकर राहत दी जा सकती है। लेकिन सरकार की तरफ से मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का इंतजार है। हम उम्मीद में हैं कि सरकार कुछ ऐसी छूट देगी, जिससे एमएसएमई के बाहर की फर्म को भी फायदा हो और वो देशी प्रोडक्ट का सस्ती लागत पर निर्माण कर सकें और कस्टमर तक इस लाभ को पहुंचाए। जिससे लोकल प्रोडक्ट को लेकर लोगों को वोकल किया जा सके।

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सिद्धार्थ शर्मा- कोविड-19 के पहले और कोविड-19 के बाद के भारत में क्या अंतर देख रहे हैं? और मैन्युफैक्चरिंग प्रासेस में क्या चेंज लेकर आए हैं?

अर्जुन बजाज- अभी यह एक प्री-लॉकडाउन युग है और दूसरा-पोस्ट-लॉकडाउन युग है। प्री-लॉकडाउन की चीजें काफी सिंपल थीं। लेकिन पोस्ट-लॉकडाउन में काफी चीजें बदल गई हैं। अभी यह प्लानिंग बनाई जा रही है कि कैसे पोस्ट-लॉकडाउन के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए मैन्युफैक्चरिंग शुरू की जाए। कर्मचारियों को मास्क मुहैया कराया जाए और कुछ घंटों के अंतराल पर कर्मचारियों को हैंड सैनेंटाइजर्स कराया जाए। लंच ब्रेक पर कैसे लोगों को बैठाना है। यह सारे फैक्टर्स हैं, जिसे हम लागू कर रहे हैं।

Jagran HiTech #NayaBharat सीरीज के तहत इंडस्ट्री के लीडर्स और एक्सपर्ट्स ने क्या कहा है, ये जानने के लिए यहां क्लिक करें।

(Written By- Saurabh Verma)

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