भारतीय महिलाओं के मुकाबले पुरुष सबसे ज्यादा ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार, वजह जानकार छूट जाएगी हंसी : Microsoft रिपोर्ट

भारत में धोखाधड़ी करने वालों से बातचीत करने वाले 73% पुरुषों के पैसा गंवाने की संभावना थी। जबकि इसकी तुलना में केवल 27% महिलाओं ने पैसा गंवाया। भारत के 3 में से एक करीब 31% लोगों ने धोखाधड़ी करने वालों से बातचीत जारी रखी और अपना पैसा गंवाया।

Saurabh VermaMon, 26 Jul 2021 04:03 PM (IST)
यह ऑनलाइन फ्राड की प्रतीकात्मक फाइल फोटो है।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने आज अपनी 2021 ग्लोबल टेक सपोर्ट स्कैम रिसर्च रिपोर्ट के निष्कर्ष जारी किए, जिसके मुताबिक पिछले 12 माह में भारतीय ग्राहक सबसे ज्यादा ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुये हैं। इसकी दर करीब 69% रही, जो कि वर्ष 2018 की 70% के बराबर है। वही वैश्विक स्तर पर ऑनलाइन फ्रॉम में 5 फीसदी गिरकर 59% रही। भारत के करीब 48% ग्राहक लगातार ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होते रहे हैं। वर्ष 2018 की तुलना में इसमें 8 अंकों का इजाफा हुआ है, जो कि दुनियाभर के आंकड़ों से तीन गुना ज़्यादा है।

वजह जानकर छूट जाएगी हंसी 

भारतीय ग्राहकों के इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार बनने की संभावना ज़्यादा है क्योंकि वे अनचाही कॉल पर ज़्यादा भरोसा करने लगते हैं और उन्हें भरोसा रहता है कि यह कॉल कंपनी की तरफ से है। 2021 के सर्वेक्षण में 47% लोगों ने सोचा कि इस बात की काफी संभावना है कि कोई कंपनी अनचाही कॉल, पॉप-अप, टेक्स्ट मैसेज, विज्ञापन या ईमेल के माध्यम से उनसे संपर्क करेगी। इसमें साल 2018 के 32 फीसदी की तुलना में 15 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

महिलाओं के मुकाबले पुरूष ज्यादा होते हैं फ्रॉड के शिकार 

भारत में धोखाधड़ी करने वालों से बातचीत करने वाले 73% पुरुषों के पैसा गंवाने की संभावना थी। जबकि इसकी तुलना में केवल 27% महिलाओं ने पैसा गंवाया। भारत के 3 में से एक करीब 31% लोगों ने धोखाधड़ी करने वालों से बातचीत जारी रखी और अपना पैसा गंवाया। इसमें वर्ष 2018 (14%) की तुलना में 17 अंकों का इजाफा हुआ है। भारत में वर्ष 2021 में मिलेनियल्स (24-37 वर्ष का आयुवर्ग) के इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होने की बहुत संभावना थी। इस आयुवर्ग में 58% लोगों को पैसे का नुकसान हुआ। धोखाधड़ी का भारतीय ग्राहक सबसे ज्यादा जवाब देते हैं।

फ्रॉड कॉल पर सबसे ज्यादा बातचीत करते हैं भारतीय 

वर्ष 2018 से 2021 के बीच भारत में अनचाही कॉल से होने वाली धोखाधड़ी की घटनाएं 23% से बढ़कर 31% हो गई हैं, और इस तरह कीसर्वेक्षण में शामिल लोगों में से लगभग आधे (45%) ने इस तरह की बातचीत की। इसी अवधि के दौरान अनचाही कॉल से होने वाली धोखाधड़ी की वैश्विक दर दो अंक गिरकर वर्ष 2018 के 27% की तुलना में 2021 में 25% पर आ गई। हालांकि पॉप-अप विज्ञापनों (51%), वेबसाइटों पर रीडायरेक्ट करने (48%), या अनचाही ईमेल (42%) से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में वर्ष 2021 में 2018 की तुलना में क्रमशः 5%, 1% और 2% की गिरावट आई है। भारत में इसी अवधि में ग्राहकों के इसी तरह की धोखाधड़ी के लगातार शिकार होते रहने की संभावना, क्रमशः 11% , 16%, और 7% ज़्यादा है।

पैसा गंवाने में भी भारतीय अव्वल

भारत में वर्ष 2021 में इस तरह की धोखाधड़ी में पैसा गंवाने वालों को औसतन 15,334 रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, इस तरह पैसा गंवाने वालों में से 88% लोग कुछ पैसा वापस पाने में कामयाब हुए और उन्हें औसतन 10,797 रुपये वापस मिले। पैसे गंवाने वालों में से 43% ने बैंक ट्रांसफर से भुगतान किया था और यह भुगतान का सबसे आम तरीका रहा, इसके बाद 38% ने उपहार कार्ड, 32% ने पेपाल, 32% ने क्रेडिट कार्ड, और 25% ने बिटकॉइन से भुगतान किया।

धोखेबाज़ों से बातचीत जारी रखकर वर्ष 2021 में पैसा गंवाने वाले 77% भारतीय ग्राहकों ने गंभीर या मध्यम स्तर का तनाव का महसूस किया, जो कि 69% के वैश्विक औसत से 8% ज़्यादा है। वर्ष 2021 में कंप्यूटर से जुड़ी किसी धोखाधड़ी का शिकार होने वाले 82% लोगों ने अपने कंप्यूटरों की जांच या मरम्मत में समय बिताया, जो 76% के वैश्विक औसत से थोड़ा ज़्यादा है। कंप्यूटरों की जांच करना बहुत ज़रूरी है क्योंकि कुछ धोखेबाज़ कंप्यूटर पर मैलवेयर डाल देते हैं और बातचीत बंद होने के काफी दिनों बाद शिकार व्यक्ति के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस कर लेते हैं। मिलेनियल्स और पुरुषों के इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होने की सबसे ज़्यादा संभावना है।

Microsoft ने ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के दिये सुझाव 

अपने कंप्यूटर पर आने वाले पॉप-अप मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें, पॉप-अप में दिखाई दे रहे नंबर पर कॉल न करें और न ही पॉप-अप में आए लिंक पर क्लिक करें। केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइटों या माइक्रोसॉफ्ट स्टोर से ही सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें। थर्ड-पार्टी साइटों से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने समय सावधान रहें, क्योंकि हो सकता है कि उनमें कंपनी की जानकारी के बिना स्कैम मैलवेयर या ऐसा कोई दूसरा खतरनाक सॉफ्टवेयर डाल दिया गया हो। यदि आपको लगता है कि आप किसी तकनीक आधारित धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो www.microsoft.com/reportascam पर इसकी जानकारी दें और कानून लागू करने वाली एजेंसियों जैसे, कंज़्यूमर प्रोटेक्शन ऑथोरिटी में रिपोर्ट भी दर्ज करें। 

 

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