अगले 5 साल रहेगा 4G का दबदबा, डेटा खर्च में 300% बढ़ोतरी की उम्मीद : Ericsson Mobility रिपोर्ट

Ericsson Mobility Report साल 2027 के आखिरी तक भारत में 5G मोबाइल सब्सक्रिप्शन के 39 फीसदी तक बढने की उम्मीद है जिसकी अनुमानित संख्या करीब 500 मिलियन होगी। जबकि स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या करीब 810 मिलियन हो जाएगी।

Saurabh VermaTue, 30 Nov 2021 06:46 PM (IST)
Photo Credit - Global Ericsson Mobility Report

नई दिल्ली, टेक डेस्क। टेक्नोलॉजी खासतौर पर मोबाइल की दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में अगले 5 साल में काफी कुछ बदलने वाला है। Ericsson Mobility रिपोर्ट के मुताबिक अगले 5 साल में यानी साल 2027 तक आधी दुनिया पर (करीब 50%) पर 5G स्मार्टफोन का कब्जा होगा, जो दुनिया की 75 फीसदी आबादी को कवर करेंगे। जबकि ग्लोबली 62 फीसदी स्मार्टफोन ट्रैफिक होगा। साल 2021 तक 660 मिलियन 5G मोबाइल सब्सक्रिप्शन होने की उम्मीद है। जिनकी संख्या साल 2021 की तीसरी तिमाही तक करीब 98 मिलियन थी। ऐसा अनुमान है कि साल 2021 के आखिरी तक 2 बिलियन लोगों को 5G नेटवर्क कवर करेगा।

खत्म नहीं होगा 4G का दबदबा

दुनिया में जल्द 4G स्मार्टफोन का दबदबा कम नहीं होने जा रहा है। खासतौर पर अगले 5 साल में 4G स्मार्टफोन का बड़ा मार्केट शेयर मौजूद रहेगा। मौजूदा वक्त में देश में मौजूद 790 मिलियन 4G स्मार्टफोन हैं, जिनकी संख्या अगले 5 साल में घटकर 710 मिलियन रह जाएगी। इसमें सालाना के हिसाब से 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की जाएगी। साल 2011 से अब तक दुनियाभर में करीब 5.5 बिलियन नए 4G LTE स्मार्टफोन को खरीद गया है।

क्या होंगे भारत में बदलाव

साल 2027 के आखिरी तक भारत में 39 फीसदी 5G मोबाइल सब्सक्रिप्शन होने की उम्मीद है, जिसकी अनुमानित संख्या करीब 500 मिलियन होगी। साल 2027 तक भारत में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या करीब 810 मिलियन हो जाएगी। वहीं अगर अनुमानित 7 फीसदी के हिसाब से स्मार्टफोन यूजर्स बढ़ते हैं, तो यह संख्या 1.2 बिलियन हो जाएगी। कुल मोबाइल में मौजूदा वक्त में स्मार्टफोन की 70 फीसदी हिस्सेदारी है, जो साल 2027 तक बढ़कर 94 फीसदी हो जाएगी। भारत में रिलायंस के मोबाइल नेटवर्क पर वर्क फ्रॉम होम के दौर में औसत प्रति मोबाइल ट्रैफिक साल 2021 में 18.4 जीबी रहा है। जो साल 2020 तक 16.1 जीबी हुआ करता था। भारत औसत प्रति मोबाइल टैरिफ के मामले में दुनिया में दूसरे पायदान पर है। साल 2027 तक भारत में प्रतिमाह औसत डेटा खर्च 50 जीबी हो जाएगा।

डेटा खपत में होगा 300 फीसदी का इजाफा

स्मार्टफोन की संख्या बढ़ने के साथ ही दुनिया में मोबाइल डेटा टैरिफ की खपत में इजाफा दर्ज किया गया है। पिछले साल के मुकाबले साल 2021 की तीसरी तिमाही में मोबाइल नेटवर्क डेटा टैरिफ में 42 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 78 एक्साबाइट (EB) डेटा की खपत की गई। इसमें फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सर्विस भी शामिल थी। साल 2027 तक कुल मोबाइल नेटवर्क टैरिफ डेटा की खपत 300 फीसदी बढ़कर 370EB पहुंचने की संभावना है।

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