फेस्टिव सीजन सेल किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले जान लें ये बातें, नहीं होंगे ठगी के शिकार

नई दिल्ली, टेक डेस्क। पिछले कुछ सालों में फेस्टिव सीजन सेल में होने वाली ठगी की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, भारत में 2014 के बाद से ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड बढ़ता ही गया है। पहले टीयर 1 शहर के यूजर्स ही ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए प्रोडक्ट्स खरीदते थे। अब टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में भी ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए यूजर्स प्रोडक्ट्स खरीदने लगे हैं। Amazon और Flipkart पर फेस्टिव सीजन सेल इस सप्ताह के अंत में शुरू हो रही है। 29 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच इन दोनों ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर फेस्टिव सीजन सेल का आयोजन किया जाएगा। इस सेल में कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के अलावा फैशन और होम अप्लायंसेज भी कम कीमत या डिस्काउंट ऑफर के साथ उपलब्ध होंगे। 

भारत में तेजी से बढ़ रहा है ई-कॉमर्स

आपको बता दें कि इस समय भारत में ऑनलाइन पोर्टल के जरिए शॉपिंग का बाजार 25 अरब डॉलर का है। माना जा रहा है कि अगले 10 वर्षो में यह बाजार बढ़कर 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। ऑनलाइन सेक्टर में बढ़ती एक्टिविटी की वजह से दुनियाभर के बड़े प्लेयर्स वॉलमार्ट, अमेजन, अलीबाबा जैसी कंपनियां भारत में निवेश करने जा रही हैं। सरकार ने पिछले साल 30 जुलाई को ऑनलाइन सेक्टर के लिए नियामक (प्राधिकरण) बनाने के लिए पॉलिसी भी ड्राफ्ट की गई थी। इस पॉलिसी का मकसद ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान होने वाली ठगी से यूजर्स को बचाया जा सके।

प्रोडक्ट की रेटिंग से न हों कन्फ्यूज

ज्यादातर ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग में सामान खरीदने से पहले किसी भी प्रोडक्ट की रेटिंग देखते हैं। अगर, रेटिंग सही होती है तो यूजर्स सामान को आमूमन खरीद लेते हैं। आपको बता दें कि ऑनलाइन साइटों पर किए गए ज्यादातर रिव्यू फर्जी होते हैं। कई ग्राहक ऑनलाइन सामान मंगाते समय रिव्यू या उसकी फोटो को देखकर यह समझते हैं कि सामान काफी बढ़िया है, लेकिन जैसे ही सामान डिलीवर होता है तो कई प्रोडक्ट्स घटिया निकलते हैं। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टल या ई-कॉमर्स कंपनियां इन सामान को वापस लेने में कई बार अनाकानी करते हैं। इस तरह की घटनाओं के लगातार सामने आने के बाद से सरकार सख्त हो गई है।

फर्जी रेटिंग के लिए सरकार सख्त

फर्जी रेटिंग से लगाम लगाने के लिए वाणिज्य और उपभोक्ता मंत्रालय ने ई-कॉमर्स के लिए नई गाइडलाइन्स बनाई है जिसके तहत अब प्रोडक्ट की फर्जी रेटिंग पर नकेल कसेगी और इसको रोकने को लिए अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस के तहत कानूनी कदम उठाए जाएंगे। ड्राफ्ट पॉलिसी के तहत अब अगर कोई प्रोडक्ट फर्जी होता है या डैमेज होता है तो इसके लिए विक्रेता के साथ ही ई-कॉमर्स पोर्टल भी जिम्मेदार होंगे।

रिप्लेसमेंट पॉलिसी का रखें ध्यान

खराब, गलत या टूटा-फूटा सामान ग्राहक के पास पहुंचने पर कंपनी या विक्रेता ग्राहक को 14 दिन के भीतर रिफंड देगी। इसके साथ-साथ ग्राहक की शिकायत 30 दिन के भीतर पूरी तरह से दूर करनी होगी। पोर्टल पर दी गई डिटेल्स के मुताबिक सामान नहीं होने पर ग्राहक को सामान लौटाने का अधिकार होगा। यही नहीं ऑनलाइन पोर्टल पर विक्रेता का पूरा पता और कॉन्टैक्ट नंबर देना जरूरी होगा। रिफंड और रिप्लेसमेंट पॉलिसी की पूरी जानकारी साफ-साफ वेबसाइट पर डालना जरूरी होगा।

प्रोडक्ट खरीदने से पहले कई और जगह करें चेक

इस फेस्टिव सीजन सेल में अगर आप भी कोई प्रोडक्ट खरीदने का मन बना रहे हैं तो इन गाइडलाइन्स को ध्यान में रखकर शॉपिंग करें। किसी नए ब्रांड के प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उस प्रोडक्ट के बारे में शॉपिंग पोर्टल के अलावा कई और जगह से पता लगाकर ही प्रोडक्ट को खरीदें। अगर ब्रांड विश्वसनीय नहीं है तो आप प्रोडक्ट को खरीदने के बाद उसे रिटर्न भी कर सकते हैं। Amazon और Flipkart दोनों ही कंपनियों के रिटर्न पॉलिसी को ध्यान में रखकर ही कोई प्रोडक्ट खरीदें। अगर, आप इन सभी चीजों का पालन करते हैं तो इस फेस्टिव सीजन आप ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किसी भी प्रोडक्ट को खरीदकर ऑनलाइन ठगी से बच सकते हैं।

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