इन पेड़ों की छांव के नीचे बैठने से प्राप्त होती है पॉजिटिव एनर्जी, जानें इनके बारे में

इन पेड़ों की छांव के नीचे बैठने से प्राप्त होती है पॉजिटिव एनर्जी, जानें इनके बारे में

वास्तु शास्त्र में सकारात्मक ऊर्जा को लेकर कई बातें हैं। वास्‍तु शास्‍त्र में पॉजिटिव एनर्जी में वह शक्ति बताई गई है जो किसी भी काम को सरल बनाने में मदद करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी कहां से मिलती है इसका क्या स्त्रोत है।

Shilpa SrivastavaFri, 26 Mar 2021 01:30 PM (IST)

वास्तु शास्त्र में सकारात्मक ऊर्जा को लेकर कई बातें कही गई हैं। वास्‍तु शास्‍त्र में पॉजिटिव एनर्जी में वह शक्ति बताई गई है जो किसी भी काम को सरल बनाने में मदद करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी कहां से मिलती है इसका क्या स्त्रोत है। वास्तु के अनुसार, प्रकृति ने हमें कई ऐसी चीजें दी हैं जिनसे पॉजिटिव एनर्जी प्राप्‍त होती है। इन्‍हीं में से एक है पेड़-पौधे। आज हम आपको बताएंगे कि किन पेड़ों की छांव में बैठने से व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी प्राप्‍त होती है।

केले का पेड़: इस पेड़ को छात्रों के लिए शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार अगर कोई छात्र केले के पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई करता है तो उसे पाठ जल्दी याद हो जाता है। इससे छात्रों की स्‍मरण शक्ति बढ़ती है। इससे पॉजिटिव एनर्जी प्राप्त होती है।

नीम का पेड़: वैसे तो लोग इस पेड़ को घर में नहीं लगाते हैं। लेकिन सकारात्मक ऊर्जा के लिए यह अच्छा होता है। इस पेड़ में मां दुर्गा का वास माना जाता है। अगर इस पेड़ पर जल चढ़ाया जाए या इस पेड़ की छांव में बैठा जाए तो व्यक्ति को मां दुर्गा की कृपा प्राप्‍त होती है। साथ ही पॉजिटिव एनर्जी भी प्राप्‍त होती है।

पीपल का पेड़: इसे बेहद ही चमत्कारिक पेड़ माना गया है। इसकी छांव में बैठने से पॉजिटिव एनर्जी प्राप्त होती है। लेकिन दोपहर के समय और दिन ढलने के बाद पीपल के पेड़ के नीचे न बैठें। मान्यता है कि इस दौरान पीपल के पेड़ के नीचे बैठने से व्यक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

आंवले का पेड़: इस पेड़ की छांव के नीचे बैठने से व्यक्ति पर भगवान की कृपा बनी रहती है। साथ ही धन में वृद्धि होती है। मान्‍यता है कि आंवले के पेड़ पर भगवान श्रीहरि का वास माना जाता है।

अमरूद का पेड़: इस पेड़ के नीचे से बैठने से व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी प्राप्त होती है। माना जाता है कि ऐसा करने से गणपति की कृपा प्राप्‍त होती है और हमारे सभी कार्य बिना बाधा के पूरे हो जाते हैं।

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