Aaj Ka Panchang: पढ़ें 26 नवंबर 2020 का पंचांग, कालिदास जयंती आज, जानें मुहूर्त, राहुकाल एवं दिशाशूल

पढ़ें 26 नवंबर 2020 का पंचांग, कालिदास जयंती आज, जानें मुहूर्त, राहुकाल एवं दिशाशूल

Panchang 26 November 2020 हिन्दी पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और गुरुवार दिन है। आज 26 नवंबर है। आज संस्कृत के महान कवि कालिदास की जयंती है। उनका जन्म कार्तिक शुक्ल द्वादशी को हुआ था।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 07:16 AM (IST) Author: Kartikey Tiwari

Panchang 26 November 2020: हिन्दी पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और गुरुवार दिन है। आज 26 नवंबर है। आज संस्कृत के महान कवि कालिदास की जयंती है। उनका जन्म कार्तिक शुक्ल द्वादशी को हुआ था। आज पंचक रात्रि के समय में समाप्त हो रहा है तथा द्वादशी तिथि की वृद्धि हो रही है। आज का राहुकाल दोपहर में है। आज के पंचांग में राहुकाल, शुभ मुहूर्त, दिशाशूल के अलावा सूर्योदय, चंद्रोदय, सूर्यास्त, चंद्रास्त आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

आज का पंचांग

दिन: गुरुवार, कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष, द्वादशी तिथि।

आज का दिशाशूल: दक्षिण।

आज का राहुकाल: दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक।

विशेष: पंचक रात्रि 09:20 बजे पर समाप्त, द्वादशी तिथि वृद्धि।

आज का पर्व एवं त्योहार: कालीदास जयंती।

विक्रम संवत 2077 शके 1942 दक्षिणायन, दक्षिणगोल, शरद ऋतु कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी 30 घंटे 26 मिनट तक, तत्पश्चात् रेवती नक्षत्र 21 घंटे 20 मिनट तक, तत्पश्चात् अश्वनी नक्षत्र सिद्धि योग 07 घंटे 34 मिनट तक, तत्पश्चात् व्यतिपात योग मीन में चंद्रमा 21 घंटे 20 मिनट तक तत्पश्चात् मेष में।

सूर्योदय और सूर्यास्त

आज के दिन सूर्योदय प्रात:काल 06 बजकर 53 मिनट पर हुआ है, वहीं सूर्यास्त शाम को 05 बजकर 24 मिनट पर होगा।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

आज के दिन चंद्रोदय दोपहर में 03 बजकर 14 मिनट पर होगा। चंद्र का अस्त अगले दिन 27 नवंबर को तड़के 03 बजकर 38 मिनट पर होगा।

आज का शुभ समय

अभिजित मुहूर्त: दिन में 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक।

सर्वार्थ सिद्धि योग: आज पूरे दिन है।

अमृत काल: सुबह 06 बजकर 39 मिनट से रात 08 बजकर 27 मिनट तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से दोपहर 02 बजकर 36 मिनट तक।

आज कार्तिक शुक्ल द्वादशी है। आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु तथा गुरु बृहस्पति की पूजा करना श्रेष्ठ होता है। इससे कुंडली में गुरु की स्थिति भी बेहतर होती है। आज आप कोई नया कार्य करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।

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