Suryadev 108 Names: यहां जानें सूर्यदेव के 108 नाम और क्या है इनका अर्थ

Suryadev 108 Names: यहां जानें सूर्यदेव के 108 नाम और क्या है इनका अर्थ

Surya 108 Names आज रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। क्या आप जानते हैं सूर्यदेव के कितने नाम हैं। अगर नहीं तो बता दें कि सूर्यदेव के 108 नाम बताए गए हैं जिनकी जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं।

Shilpa SrivastavaSun, 07 Mar 2021 11:45 AM (IST)

Surya 108 Names: आज रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार, सूर्यदेव ऐसे देव हैं जो साक्षात् दिखाई देते हैं। इनका वर्णन वेदों और पुराणों में भी उल्लेखित है। सूर्यदेव की पत्नी का नाम अदिति और छाया है। इनके पुत्र शनिदेव हैं। हिन्दू धर्म में रविवार का दिन बेहद श्रेष्ठ माना गया है। इसी दिन सूर्यदेव की पूजा की जाती है। अगर व्यक्ति अच्छा स्वास्थ्य व तेजस्विता पाना चाहता है तो उसे रविवार के दिन उपवास करना चाहिए।

क्या आप जानते हैं सूर्यदेव के कितने नाम हैं। अगर नहीं तो बता दें कि सूर्यदेव के 108 नाम बताए गए हैं जिनकी जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं। आइए पढ़ते हैं सूर्यदेव के 108 नाम।

सूर्य देव के 108 नाम:

अरुण- तांबे जैसे रंग वाला

शरण्य- शरण देने वाला

करुणारससिन्धु- करुणा- भावना के महासागर

असमानबल- असमान बल वाले

आर्तरक्षक- पीड़ा से रक्षा करने वाले

आदित्य- अदिति के पुत्र

आदिभूत- प्रथम जीव

अखिलागमवेदिन- सभी शास्त्रों के ज्ञाता

अच्युत- जिसता अंत विनाश न हो सके (अविनाशी)

अखिलज्ञ- सब कुछ का ज्ञान रखने वाले

अनन्त- जिसकी कोई सीमा नहीं है

इना- बहुत शक्तिशाली

विश्वरूप- सभी रूपों में दिखने वाला

इज्य- परम पूजनीय

इन्द्र- देवताओं के राजा

भानु- एक अद्भुत तेज के साथ

इन्दिरामन्दिराप्त- इंद्र निवास का लाभ पाने वाले

वन्दनीय- स्तुती करने योग्य

ईश- इश्वर

सुप्रसन्न- बहुत उज्ज्वल

सुशील- नेक दिल वाल

सुवर्चस्- तेजोमय चमक वाले

वसुप्रद- धन दान करने वाले

वसु- देव

वासुदेव- श्री कृष्ण

उज्ज्वल- धधकता हुआ तेज वाला

उग्ररूप-क्रोद्ध में रहने वाले

ऊर्ध्वग- आकार बढ़ाने वाला

विवस्वत्-चमकता हुआ

उद्यत्किरणजाल- रोशनी की बढ़ती कड़ियों का एक जाल उत्पन्न करने वाले

हृषीकेश- इंद्रियों के स्वामी

ऊर्जस्वल- पराक्रमी

वीर- (निडर) न डरने वाला

निर्जर- न बिगड़ने वाला

जय- जीत हासिल करने वाला

ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथी- बिना जांघों वाले सारथी

ऋषिवन्द्य- ऋषियों द्वारा पूजे जाने वाले

रुग्घन्त्र्- रोग के विनाशक

ऋक्षचक्रचर- सितारों के चक्र के माध्यम से चलने वाले

ऋजुस्वभावचित्त- प्रकृति की वास्तविक शुद्धता को पहचानने वाले

नित्यस्तुत्य- प्रशस्त के लिए तैयार रहने वाला

ऋकारमातृकावर्णरूप- ऋकारा पत्र के आकार वाला

उज्ज्वलतेजस्- धधकते दीप्ति वाले

ऋक्षाधिनाथमित्र- तारों के देवता के मित्र

पुष्कराक्ष- कमल नयन वाले

लुप्तदन्त- जिनके दांत नहीं हैं

शान्त- शांत रहने वाले

कान्तिद- सुंदरता के दाता

घन- नाश करने वाल

कनत्कनकभूष- तेजोमय रत्न वाले

खद्योत- आकाश की रोशनी

लूनिताखिलदैत्य- असुरों का नाश करने वाला

सत्यानन्दस्वरूपिण्- परमानंद प्रकृति वाले

अपवर्गप्रद- मुक्ति के दाता

आर्तशरण्य- दुखियों को अपने शरण में लेने वाले

एकाकिन्- त्यागी

भगवत्- दिव्य शक्ति वाले

सृष्टिस्थित्यन्तकारिण्- जगत को बनाने वाले, चलाने वाले और उसका अंत करने वाले

गुणात्मन्- गुणों से परिपूर्ण

घृणिभृत्- रोशनी को अधिकार में रखने वाले

बृहत्- बहुत महान

ब्रह्मण्- अनन्त ब्रह्म वाला

ऐश्वर्यद- शक्ति के दाता

शर्व- पीड़ा देने वाला

हरिदश्वा- गहरे पीले के रंग घोड़े के साथ रहने वाला

शौरी- वीरता के साथ रहने वाला

दशदिक्संप्रकाश- दसों दिशाओं में रोशनी देने वाला

भक्तवश्य- भक्तों के लिए चौकस रहने वाला

ओजस्कर- शक्ति के निर्माता

जयिन्- सदा विजयी रहने वाला

जगदानन्दहेतु- विश्व के लिए उत्साह का कारण बनने वाले

जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जित- युवा,वृद्धा, बचपन सभी अवस्थाओं से दूर रहने वाले

उच्चस्थान समारूढरथस्थ- बुलंद इरादों के साथ रथ पर चलने वाले

असुरारी- राक्षसों के दुश्मन

कमनीयकर- इच्छाओं को पूर्ण करने वाले

अब्जवल्लभ- अब्जा के दुलारे

अन्तर्बहिः प्रकाश- अंदर और बाहर से चमकने वाले

अचिन्त्य- किसी बात की चिन्ता न करने वाले

आत्मरूपिण्- आत्मा रूपी

अच्युत- अविनाशी रूप वाले

अमरेश- सदा अमर रहने वाले

परम ज्योतिष्- परम प्रकाश वाले

अहस्कर- दिन की शुरूआत करने वाले

रवि- भभकने वाले

हरि- पाप को हटाने वाले

परमात्मन्- अद्भुत आत्मा वाले

तरुण- हमेशा युवा रहने वाले

वरेण्य- उत्कृष्ट चरित्र वाला

ग्रहाणांपति- ग्रहों के देवता

भास्कर- प्रकाश के जन्म दाता

आदिमध्यान्तरहित- जन्म, मृत्यु, रोग आदि पर विजय पाने वाले

सौख्यप्रद- खुशी देने वाला

सकलजगतांपति- संसार के देवता

सूर्य- शक्तिशाली और तेजस्वी

कवि- ज्ञानपूर्ण

नारायण- पुरुष की दृष्टिकोण वाले

परेश- उच्च देवता

तेजोरूप- आग जैसे रूप वाले

हिरण्यगर्भ्- संसार के लिए सोनायुक्त रहने वाले

सम्पत्कर- सफलता को बनाने वाले

ऐं इष्टार्थद- मन की इच्छा पूरी करने वाले

अं सुप्रसन्न- सबसे अधिक प्रसन्न रहने वाले

श्रीमत्- सदा यशस्वी रहने वाले

श्रेयस्- उत्कृष्ट स्वभाव वाले

सौख्यदायिन्- प्रसन्नता के दाता

दीप्तमूर्ती- सदा चमकदार रहने वाले

निखिलागमवेद्य- सभी शास्त्रों के दाता

नित्यानन्द- हमेशा आनंदित रहने वाले 

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। '

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