Akshaya Tritiya 2021: अक्षय तृतीया पर क्या करें और क्या न करें? जानें आपकी उन्नति से जुड़ी बातें

Akshaya Tritiya 2021: अक्षय तृतीया पर क्या करें और क्या न करें? जानें आपकी उन्नति से जुड़ी बातें

Akshaya Tritiya 2021 आज देशभर में अक्षय तृतीया मनाई जा रही है। आज का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। जागरण अध्यात्म में आज हम जानते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

Kartikey TiwariFri, 14 May 2021 10:09 AM (IST)

Akshaya Tritiya 2021: आज देशभर में अक्षय तृतीया मनाई जा रही है। आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। आज बिना कोई मुहूर्त देखे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। आज के दिन कई ऐसे कार्य हैं, जिनको करने से व्यक्ति के परिवार में खुशहाली आती है और आर्थिक उन्नति के साथ तरक्की होती है। जागरण अध्यात्म में आज हम जानते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

अक्षय तृतीया पर क्या करें

1. आज के दिन आप जो भी शुभ कार्य करना चाहते हैं, कोई नया कार्य शुरु करना चाहते हैं या फिर भविष्य की किसी योजना को शुरु करना चाहते हैं तो आज कर सकते हैं। अक्षय का अर्थ होता है, जिसका क्षय न हो। आज जो भी कार्य किए जाएंगे, उसमें तरक्की और उन्नति मिलेगी।

2. आज के दिन विवाह कार्य कर सकते हैं। आज का दिन विवाह जैसे मांगलिक कार्य के लिए उत्तम होता है।

3. आज आप चाहें तो नया वाहन, मकान, प्लॉट आदि की खरीदारी कर सकते हैं। आज के दिन खरीदी गई संपत्ति में हमेशा वृद्धि ही होगी।

4. अक्षय तृतीया के दिन गरीब और जरुरतमंद लोगों की मदद करें तथा दान दें। आज के दिन दिए गए दान से व्यक्ति के जीवन में कभी धन-धान्य की कमी नहीं रहती है।

5. आज के दिन आप पेड़-पौधों को जल दें। प्यास व्यक्तियों को पानी पिलाएं। यह बहुत ही पुण्यकारी कार्य होता है।

6. आपकी आर्थिक स्थिति ठीक हो, तो आज के दिन आप सोना या सोने का आभूषण खरीदें। इससे आपके भाग्य में वृद्धि होगी। सुख और समृद्धि बढ़ेगी।

अक्षय तृतीया पर क्या न करें

1. आज के दिन मांस और मदिरा का त्याग करें। इसका सेवन न करें। यह आपके दुर्भाग्य को बढ़ा सकता है।

2. अक्षय तृतीया के दिन किसी भी गरीब या जरुरतमंद का उपहास न करें। मदद नहीं कर सकते हैं तो कम से कम उसको सांत्वना दे सकते हैं।

3. अक्षय तृतीया के दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें।

4. आज के दिन मन, कर्म और वचन तीनों से ही शुद्ध रहना चाहिए। मन में द्वेष और घृणा की भावना न पालें। कहा गया है कि मनुष्य जैसा सोचता है, वैसी ही उसकी उन्नति होती है। गलत सोचेंगे तो उसका गलत परिणाम आपको ही भोगना होगा।

डिसक्लेमर

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