Pradosh Vrat Oct 2021: आज है आश्विन मास का सोम प्रदोष व्रत, जानें तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व

Pradosh Vrat Oct 2021 हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है। इस समय आश्विन मास का कृष्ण पक्ष चल रहा है। आश्विन मास का प्रदोष व्रत आज सोमवार को है इसलिए यह सोम प्रदोष व्रत है।

Kartikey TiwariFri, 24 Sep 2021 11:58 AM (IST)
Pradosh Vrat Oct 2021: आज आश्विन मास का सोम प्रदोष व्रत, जानें तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व

Pradosh Vrat Oct 2021: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है। इस समय आश्विन मास का कृष्ण पक्ष चल रहा है। आश्विन मास का प्रदोष व्रत इस बार सोमवार को पड़ रहा है, इसलिए यह सोम प्रदोष व्रत है। हालांकि अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर यह सोम प्रदोष व्रत अक्टूबर में पड़ रहा है, यह अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान है। आइए जानते हैं कि सोम प्रदोष व्रत कब है? पूजा मुहूर्त क्या है और इसका महत्व क्या है?

प्रदोष व्रत 2021 तिथि

हिन्दी पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 03 अक्टूबर दिन रविवार को रात 10 बजकर 29 मिनट से हुआ है। त्रयोदशी तिथि का समापन आज 04 अक्टूबर दिन सोमवार को रात 09 बजकर 05 मिनट पर होना है। ऐसे में प्रदोष व्रत की उदयातिथि आज 04 अक्टूबर को प्रात: हो रहा है और इस दिन शिव पूजा के लिए प्रदोष मुहूर्त भी है। ऐसे में सोम प्रदोष व्रत आज 04 अक्टूबर को रखा जाएगा।

सोम प्रदोष 2021 पूजा मुहूर्त

04 अक्टूबर को पड़ने वाले सोम प्रदोष व्रत के लिए शिव पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 06 बजकर 04 मिनट से रात 08 बजकर 30 मिनट तक है। यदि आप सोम प्रदोष व्रत रहते हैं तो आपको इस प्रदोष मुहूर्त में शिवलिंग की पूजा बेलपत्र, गंगाजल, गाय के दूध, मदार पुष्प, भांग, श्वेत चंदन आदि से विधिपूर्वक करना चाहिए।

सोम प्रदोष व्रत का महत्व

सोम प्रदोष का व्रत करने से व्यक्ति को शिव कृपा प्राप्त होती है। उसके जीवन के सभी कष्ट मिट जाते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। जीवन में यश, सौभाग्य, धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।

डिस्क्लेमर

''इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।''

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.