Chandra Dosh ke Upay: चंद्रदोष दूर करने के लिए सोमवार पर करें ये उपाय

Chandra Dosh ke Upay ज्योतिषों की मानें तो चन्द्रमा मन के कारक हैं। चन्द्रमा के कमजोर रहने से मन अशांत रहता है। साथ ही किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। इसके लिए आधुनिक समय में चंद्र का मजबूत रहना अनिवार्य है।

Umanath SinghMon, 22 Nov 2021 11:10 AM (IST)
Chandra Dosh ke Upay: चंद्रदोष दूर करने के लिए सोमवार पर करें ये उपाय

Chandra Dosh ke Upay: सोमवार का दिन भगवान शिवजी को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-उपासना करने से व्यक्ति की सभी मनोकमनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही सोमवार के दिन चंद्र देव की पूजा उपासना भी की जाती है। सोमवार के दिन शिव पार्वती परिवार समेत चंद्र देव की पूजा करने से न केवल चंद्र दोष दूर होता है, बल्कि चंद्र भी मजबूत होता है। ज्योतिषों की मानें तो चन्द्रमा मन के कारक हैं। चन्द्रमा के कमजोर रहने से मन अशांत रहता है। साथ ही किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। इसके लिए आधुनिक समय में चंद्र का मजबूत रहना अनिवार्य है। अगर आप भी मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं, तो सोमवार के दिन चंद्र को मजबूत करने के लिए इन उपायों को जरूर करें-

-ज्योतिषों की मानें तो सोमवार के दिन गरीबों और जरूरतमंदों में खीर वितरित करने से चंद्र मजबूत होता है।

-सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध का अर्घ्य देने से भी चंद्र मजबूत होता है। साथ ही चंद्र दोष से भी मुक्ति मिलती है।

-सोमवार के दिन सफेद वस्त्र धारण कर शिवजी की पूजा करने से चन्द्रमा मजबूत होता है। इसके लिए शिवमंत्र का जाप भी जरूर करें। इससे शिवजी की कृपा भी बरसती है।

-चंद्र देव को सफ़ेद रंग अति प्रिय है। अतः सोमवार के दिन चंद्र देव की पूजा सफेद पुष्प, चावल, बताशा, दही आदि चीजों से पूजा करें। इससे व्रती को चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है।

-सोमवार की संध्याकाल में चंद्र दर्शन कर उनसे अपने कुशल मंगल की कामना करें। साथ ही चंद्र मंत्र का जाप करें।

चंद्रोदय के समय दूध में चावल और बताशा डाल कर चंद्रमा को अर्घ्य देने से भी चंद्र दोष दूर होता है।

चंद्र मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।

ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।

ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:।

चंद्रमा का बीज मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।

चंद्रमा का वैदिक मंत्र:

ॐ इमं देवा असपत्न सुवध्वं महते क्षत्राय महते

ज्यैष्ठयाय महते जानराज्यायेनद्रस्येन्द्रियाय।

इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश

एष वोमी राजा सोमोस्मांक ब्राह्मणाना राजा।।

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.