केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष पर किसानों को भ्रमित करने का लगाया आरोप

राजस्थान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 12:57 PM (IST) Author: Preeti jha

जोधपुर, जागरण संवाददाता। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष पर किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाया और आंकड़ों को पेश करते हुए कहा कि पहली बार देश में कृषि क्षेत्र की चिंता और चिंतन के अनुरूप काम करने वाली सरकार है। केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद कृषि क्षेत्र के पुनरुद्धार और सुदृढ़ीकरण के लिए स्वामीनाथन कमेटी पर काम हुआ। जो कि वर्ष 2014 से बंद था। पिछले छह साल में किसान को 3 लाख करोड़ से ज्यादा का लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के बनाए कानून भारत के कृषि क्षेत्र को संपूर्ण रिफॉर्म की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

शेखावत ने आकंडो को जाहिर करते हुए कहा कि दलहन के क्षेत्र में 2009-2014 तक केवल 3100 करोड़ रुपए का प्रोक्युर्मन्ट (सरकारी खरीद) हुआ, लेकिन मोदी सरकार के छह साल में दलहन-तिलहन का 74,883 करोड़ रुपए का प्रोक्युर्मन्ट हुआ है, यानी किसान के घर 71,00 करोड़ रुपए अतिरिक्त गया। पिछले छह साल में किसान को 3 लाख करोड़ से ज्यादा का लाभ पहुंचाया है। देश और किसान इस बात को महसूस करता है। किसान सम्मान निधि में छह हजार रुपए हर साल किसान को सरकार दे रही है। उन्होंने दलहन, तिलहन, गेहूं, धान, चना समेत अन्य जिंस में बढ़ाई एम.एस.पी के आंकड़े भी दिए।

कोंग्रेस सरकार के द्वारा ऋण माफी के झूठे वादों पर मनमोहन सरकार के समय दस साल में एक बार 50 हजार करोड़ की ऋण माफी के जवाब में शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार में दलहन-तिलहन के अलावा गेहूं-चावल में 1 लाख करोड़ का अतिरिक्त प्रोक्युर्मन्ट पिछले पांच साल में किया। किसान सम्मान निधि में 75 हजार करोड़ में इनवेस्टमेंट किया। 50 हजार करोड़ रुपए किसान को इंश्योरेंस के माध्यम से मिला है। कुल मिलाकर 3 लाख करोड़ रुपए किसान के घर अतिरिक्त गए हैं।

एम.एस.पी. से बनेगा वन नेशन वन मॉर्केट

बिचौलियों के चंगुल से किसानों को मुक्ति मिले इसलिए वन नेशन- वन मार्केट की दिशा में कदम आगे बढ़ाया है।सरकार के बनाए कानून भारत के कृषि क्षेत्र को संपूर्ण रिफॉर्म की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। देश में एम.एस.पी की वृद्धि हो। एम.एस.पी अधिकार रूप में मिले। देश के किसान की फसल को खरीदा जाए। हम किसान की आमदनी को दोगुना करने के लिए हर पक्ष को साथ लेकर काम कर रहे हैं।

बिचौलियों के चंगुल से किसानों को निकालने का जिक्र स्वामीनाथन रिपोर्ट में भी है। लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जो किसान के साथ नहीं, बिचौलिए के साथ खड़े हैं। वे एम.एस.पी पर भ्रांति फैला रहे है। उन्होंने कहा कि 22 जिंस ऐसी हैं, जिनका एम.एस.पी भारत सरकार निर्धारित करती है। किसी भी जिंस का एम.एस.पी उसकी लागत प्लस 50 प्रतिशत लाभ से कम नहीं है।  

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