MBC Reservation: केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार बोले, एमबीसी आरक्षण से जुड़ा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

MBC Reservation जयपुर यात्रा पर आए केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि एमबीसी आरक्षण को संविधान की नौवीं सूची में शामिल करने का काई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में हाल ही में हम संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए हैं।

Sachin Kumar MishraSun, 26 Sep 2021 09:19 PM (IST)
केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री वीेरेंद्र कुमार। फाइल फोटो।

जागरण संवाददाता, जयपुर। गुर्जर सहित पांच जातियों को अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी ) को पांच फीसद आरक्षण को संविधान की नौवीं सूची में शामिल करने से फिलहाल केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने इन्कार कर दिया है। जयपुर यात्रा पर आए वीरेंद्र कुमार ने कहा कि एमबीसी आरक्षण को संविधान की नौवीं सूची में शामिल करने का काई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में हाल ही में हम संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए हैं। महाराष्ट्र मे मराठा समाज के आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसके बाद सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू याचिका दायर की थी। वह खारिज हो गई। केंद्र सरकार ने संविधान में संशोधन का विधेयक संसद में पारित कराया था। अब राज्य सरकारों को ओबीसी सूची में नाम जोड़ने और घटाने के अधिकार दिए गए हैं। एमबीसी आरक्षण का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।

केंद्रीय मंत्री द्वारा एमबीसी आरक्षण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने की बात कहने के बाद गुर्जर समाज फिर सक्रिय हो सकता है। उल्लेखनीय है कि गुर्जर समाज के लंबे आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने गुर्जर, रेबारी, रायका, गाड़िया लुहार और बंजारा समाजों को एमबीसी में पांच फीसद आरक्षण दिया था। इस संबंध में राज्य सरकार ने विधानसभा में एक संकल्प पारित करा कर केंद्र सरकार को भेजा था। वीरेंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का राजस्थान सहित कुछ राज्यों में जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुछ राज्य सरकारों ने तो केंद्र सरकार की योजनाओं का अपने राज्यों में नाम बदल दिया है। वीरेंद्र कुमार जयपुर के गौतम नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए।

गौरतलब है कि राजस्थान में गुर्जर आंदोलन की शुरुआत वर्ष 2006 से हुई। तब से लेकर अब तक कई बार बड़े आंदोलन हो चुके हैं। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस की सरकारें रहीं, मगर किसी सरकार से गुर्जर आरक्षण आंदोलन की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। वर्ष 2006 में एसटी में शामिल करने की मांग को लेकर पहली बार गुर्जर राजस्थान के हिंडौन में सड़कों व रेल पटरियों पर उतरे थे। गुर्जर आंदोलन 2006 के बाद तत्कालीन भाजपा सरकार महज एक कमेटी बना सकी, जिसका भी कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला।

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