सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर होती चोरी की प्लानिग, फिर देते अंजाम, 16 साल का नाबालिग लड़का करता पूरी गैंग को हैंडल

जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने डेरिया गांव में लाखों रुपये के चोरी के आरोप में पकड़े इस गिरोह को पकड़ा। इनसे और भी कई खुलासे होने की उम्मीद है। इसके साथ ही गैंग के सदस्यों ने पुलिस थाने के मालखाने से कई बार डोडा पोस्त चुराने की बात भी स्वीकारी है।

Priti JhaFri, 26 Nov 2021 03:03 PM (IST)
सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर होती चोरी की प्लानिग

जोधपुर, जेएनएन। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर चोरी करने वाली एक गैंग का खुलासा किया है। अचरज की बात यह है कि गैंग का सरगना 16 साल का नाबालिग है। वह गिरोह के सदस्यों को सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर चोरी करने वाले स्थान की जानकारी देता साथ ही उनको टास्क भी देता।

जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने डेरिया गांव में लाखों रुपये के चोरी के आरोप में पकड़े इस गिरोह को पकड़ा है। इनसे और भी कई खुलासे होने की उम्मीद है। इसके साथ ही गैंग के सदस्यों ने पचपदरा पुलिस थाने के मालखाने से कई बार डोडा पोस्त चुराने की बात भी स्वीकारी है। जिसकी पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई ।

जोधपुर ग्रामीण पुलिस के एसपी अनिल कयाल ने बताया कि जोधपुर जिले के डेरिया गांव में 24 सितम्बर को एक मकान में चोरों ने सेंध लगा दी थी मकान के सारे दरवाजे बंद थे , लेकिन चोर रोशनदान की जाली को तोड़ अंदर घुस गए । 2.15 लाख रुपए नगद व दस तोला सोने के गहनों के अलावा काफी चांदी के गहने ले गए । इस पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की रोशनदान को देख ऐसा लगा कि कोई बड़ा व्यक्ति वहां से अंदर प्रवेश नहीं कर सकता । इसके बाद पुलिस ने कम उम्र के शातिर लोगों पर निगाह रखना शुरू किया ।

मुखबिर से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने एक बालक को संरक्षण में लेकर पूछताछ की। इस पर उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। डेरिया में इसी बालक चोरी की थी । बालक ने बताया कि उसकी गैंग ने ही इस वर्ष जनवरी में पचपदरा पुलिस थाने के मालखाने रखे दस क्विंटल डोडा पोस्त को कई बार में चोरी किया था। पुलिस उसकी जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है । पूछताछ में कई और चोरियों का राज खुलने की उम्मीद है ।

गिरोह हाईटेक तरीके से करता है चोरियां

यह गिरोह हाईटेक अंदाज में चोरी करता है। पकड़े गया बालक पहले रैकी कर चोरी करने वाले मकान या स्थान का निर्धारण करता । इसके बाद चोरी का समय तय किया जाता। पूरी योजना बना यह अपनी गैंग के सदस्यों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बने ग्रुप में सूचना देता। गिरोह के सदस्यों को वह जरूरत के हिसाब से टास्क भी बांटता। इसमें सभी सदस्यों को पूरी जानकारी दी जाती कि कब और कितने बजे पहुंचना है, किसके जिम्मे क्या काम रहेगा । इसके बाद ये सभी एक स्थान पर एकत्र होते और एक बोलेरो कैंपर में बैठ चोरी करने निकल पड़ते ।

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