Rajasthan Politics: राजस्थान भाजपा में खींचतान, सतीश पूनिया को बधाई के होर्डिंग्स सांसद ने हटवाए

Rajasthan राजस्थान में करौली-धौलपुर के सांसद मनोज राजोरिया की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि होर्डिंग्स में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के फोटो नहीं लगाए गए। राजोरिया की आपत्ति के बाद स्थानीय नगर परिषद ने होर्डिंग्स हटवा दिए।

Sachin Kumar MishraWed, 27 Oct 2021 04:51 PM (IST)
राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया। फाइल फोटो

जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में भाजपा की लड़ाई अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया खेमों के बीच चल रहा सियासी संघर्ष पुलिस तक पहुंच गया। दरअसल, पूनिया के जन्मदिन पर 24 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में होर्डिंग्स और पोस्टर लगे थे। पूनिया के समर्थकों ने इन होर्डिंग्स और पोस्टर के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन किया। जयपुर में बड़ी संख्या में लोग पूनिया को बधाई देने पहुंचे। इसी बीच, करौली-धौलपुर के सांसद मनोज राजोरिया ने पूनिया के साथ स्वयं की फोटो लगे होर्डिंग्स हटवा दिए। उन्होंने धौलपुर के निहालगंज पुलिस थाने के थाना अधिकारी को पत्र लिखकर बगैर अनुमति लिए उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। जब इस बारे में राजोरिया से बात की गई तो उन्होंने अधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया के बीच चल रहा है सियासी संघर्ष

पूनिया को जन्मदिन की बधाई देने वाले होर्डिंग्स धौलपुर और करौली संसदीय क्षेत्र के कई इलाकों में लगे थे। इनमें से कुछ में पूनिया को जन्मदिन की बधाई देने से जुड़े राजोरिया की फोटो वाले होर्डिंग्स लगे थे। इनमें पूनिया के फोटो थे। राजोरिया की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि होर्डिंग्स में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के फोटो नहीं लगाए गए। राजोरिया की आपत्ति के बाद स्थानीय नगर परिषद ने होर्डिंग्स हटवा दिए। पार्टी के एक प्रदेश पदाधिकारी का कहना है कि पूनिया के जन्मदिन को लेकर लगाए जाने वाले होर्डिंग्स का फार्मेट पार्टी मुख्यालय से जिलों में भेजा गया था। इस फार्मेट (प्रारूप) में वसुंधरा के फोटो का प्रावधान नहीं किया गया था। उल्लेखनीय है कि लंबे समय से पूनिया और वसुंधरा खेमों के बीच सियासी संघर्ष चल रहा है। पिछले सप्ताह पूनिया ने मुख्यमंत्री के सवाल पर मीडिया से कहा था कि जिसे पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करेगा,वही सीएम बनेगा। इसके उलट जोधपुर यात्रा के दौरान वसुंधरा ने कहा, जिसे जनता का प्यार मिलेगा वह मुख्यमंत्री बनेगा। पिछले दो साल में ऐसे कई मौके आए जब पूनिया और वसुंधरा खेमे आमने-सामने हुए हैं। राजोरिया वसुंधरा समर्थक माने जाते हैं।

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