Rajasthan: सीएम अशोक गहलोत ने परिवहन विभाग की दो एमनेस्टी योजनाओं की अवधि बढ़ाई

सीएम अशोक गहलोत ने परिवहन विभाग की दो एमनेस्टी योजनाओं की अवधि बढ़ाई। फाइल फोटो

Rajasthan सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश में वाहनों पर बकाया कर की वसूली के संदर्भ में 24 फरवरी 2021 को लागू की गई एमनेस्टी योजना की अवधि 30 जून 2021 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Sachin Kumar MishraTue, 06 Apr 2021 06:23 PM (IST)

जयपुर, जेएनएन। Rajasthan: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में वाहनों पर बकाया कर की वसूली के संदर्भ में 24 फरवरी, 2021 को लागू की गई एमनेस्टी योजना की अवधि 30 जून, 2021 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। गहलोत ने ओवरलोडिंग के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रसारित एमनेस्टी योजना की अवधि 30 जून, 2021 तक बढ़ाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य बजट 2021-22 के दौरान इन एमनेस्टी योजनाओं की घोषणा की थी, जिसके क्रम में परिवहन विभाग ने ये एमनेस्टी योजनाएं 31 मार्च, 2021 तक के लिए अधिसूचित की थीं। प्रस्ताव के अनुसार, राज्य के परिवहन विभाग द्वारा वाहनों पर बकाया कर वसूली के लिए लागू की गई एमनेस्टी योजना सफल रही है।

योजना लागू होने के पहले 22 दिनों में ही लगभग 8.64 करोड़ रुपये की शास्ति या ब्याज माफ करने के बावजूद 25 करोड़ रुपये का बकाया कर प्राप्त हुआ है। योजना की अवधि जून के अंत तक बढ़ाने से अधिकाधिक लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इसलिए परिवहन विभाग को इस एमनेस्टी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए क्रियान्वयन व कुशल पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। एक अन्य प्रस्ताव के अनुसार, मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत भार वाहनों की ओवरलोडिंग के लंबित प्रकरणों के संबंध में 12 मार्च, 2021 को लागू की गई एमनेस्टी योजना की अवधि भी जून, 2021 तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए विभाग के अधिकारियों को योजना की क्रियान्विति, प्रगति और राजस्व प्राप्ति की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकता होने पर विशेष कैंप आयोजित कर वाहन स्वामियों को योजना का लाभ प्रदान कर उनसे बकाया प्रशमन राशि की अधिकतम वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

इस बीच, राजस्थान में कोरोना संक्रमण खतरानाक स्थिति में पहुंच गया है। यहां पिछले दो माह की तुलना में अप्रैल में संक्रमण की रफ्तार करीब 1.50 फीसद बढ़ी है। संक्रमितों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए सरकार ने कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों पर निगाह रखने के लिए पुलिस व स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों का गठन किया है। सरकार ने तय किया कि अब यदि किसी संक्रमित ने होम क्वारंटीन के नियम तोड़े तो उसे सरकारी सेंटर्स में शिफ्ट कर दिया जाएगा। चिकित्सा विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 1.13 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। एक सप्ताह बाद सरकार ने प्रतिदिन 7 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। 

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