Rajasthan: लवली मुठभेड़ मामले में निलंबित पुलिसकर्मियों के हक में लोगों का प्रदर्शन

Rajasthan जोधपुर के हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा मुठभेड़ मामले में निलंबित किए गए पुलिस निरीक्षक लीलाराम सहित चारों पुलिसकर्मियों को बहाल करने की मांग तेज हो गई है। जोधपुर में बुधवार को लोगों ने जमकर यहां विरोध प्रदर्शन किया।

Sachin Kumar MishraWed, 20 Oct 2021 06:16 PM (IST)
लवली मुठभेड़ मामले में निलंबित पुलिसकर्मियों के हक में लोगों का प्रदर्शन। फोटो जागरण

जोधपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान में जोधपुर के हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा मुठभेड़ मामले में निलंबित किए गए पुलिस निरीक्षक लीलाराम सहित चारों पुलिसकर्मियों को बहाल करने की मांग तेज हो गई है। इस मांग को लेकर बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट के सामने नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्रों व मेघवाल समाज सहित अन्य दलित संगठनों ने धरना देकर विरोध-प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि सरकार जब सम्मान नहीं दे सकती तो अनावश्यक सजा भी नहीं देनी चाहिए। उन्होंने मांग पर शीघ्र कार्यवाही नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी। मेघवाल समाज और अन्य दलित समाजों की भागीदारी से दिए इस धरने में काफी लोग जुटे। रातानाडा के निलंबित एसएचओ लीलाधर व तीन अन्य कांस्टेबलों को वापस बहाल करने की मांग को लेकर उन्होंने यहां जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

उन्होंने अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई में निलंबन को गलत बताते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान काफी समय तक कलेक्ट्रेट गेट के बाहर प्रदर्शन किया गया और बाद में सरकार को इस मामले में समुचित कार्रवाई की मांग का जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया। नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्रों ने भी अपनी मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि पुलिस को अधिकार किस लिए दिए गए थे, किसी अपराधी पर नियंत्रण के लिए और अगर पुलिस उसका उपयोग करती है तो उसे सजा क्यों दी जा रही है। अगर सरकार लीलाराम व अन्य पुलिसकर्मियों को बहाल नहीं किया तो पूरा दलित समाज सड़कों पर उतरेगा।

जानें, क्या है मामला

गत बुधवार शाम को जोधपुर के बनाड़ रोड पर रातानाडा के तत्कालीन थानाधिकारी लीलाराम और लवली कंडारा के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान क्रास फायरिंग में लवली कंडारा को गोली लगी और उसकी मृत्यु हो गई।इसके बाद वाल्मीकि समाज ने मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग को लेकर पांच दिन तक शव नहीं उठाया। तब सरकार को दबाव में आकर मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करना पड़ा। इसके बाद से ही समर्थक पुलिसकर्मी व अन्य लोगों ने लीलाराम के समर्थन में सोशल मीडिया पर मुहिम चला रखी है। वहीं, बुधवार को उनके समर्थन में लोग सड़क पर भी उतर आए।

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