Rajasthan: जोधपुर के माचिया पार्क में पैंथर सलीम को पड़ा दिल का दौरा, 19 साल की उम्र में हुई मौत

Rajasthan जोधपुर के माचिया सफारी पार्क में पैंथर सलीम की 19 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सलीम को वर्ष 2010 में जूनागढ़ से लाया गया था। माचिया पार्क में यकायक उसकी तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

Sachin Kumar MishraFri, 25 Jun 2021 07:02 PM (IST)
जोधपुर के माचिया पार्क में पैंथर सलीम को पड़ा दिल का दौरा। फाइल फोटो

जोधपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान में जोधपुर के माचिया सफारी पार्क में पैंथर सलीम की 19 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सलीम को वर्ष 2010 में गुजरात के जूनागढ़ से लाया गया था। माचिया पार्क में दोपहर को यकायक उसकी तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। अब माचिया पार्क में उसकी बेटी सोनू मादा पैंथर बची है। इसके अलावा दो मेल पैंथर भी हैं। माचिया पार्क से जुड़े वेटनरी डॉक्टर श्रवण सिंह राठौड़ का कहना है कि सलीम बेहद शांत रहता था, वह कभी भी आक्रामक नहीं हुआ। सलीम दर्शकों के साथ भी काफी मित्रवत व्यवहार करता था। बरसों तक सलीम के साथ जुड़े रह डॉ राठौड़ के अनुसार, जब सलीम को जूनागढ़ से लाया गया था उस समय यह आठ वर्ष का था। सलीम की एक बेटी सोनू होने के बाद सेंट्रल जू प्राधिकरण के जंतुआलय में रहने वाले पैंथरों की नसबंदी आदेश की पालना में सलीम की नसबंदी की गई थी।

माचिया पार्क में नाना व बेड़ा नाम के दो और पैंथर

सलीम की मौत के बाद माचिया सफारी पार्क में नाना और बेड़ा नाम के दो पैंथर और हैं। वहीं, सोनू मादा पैंथर भी माचिया में है। करीब तीन वर्ष पहले डॉ. राठौड़ पाली जिले के नाना और बेड़ा क्षेत्र की पहाड़ियों से पैंथर के तीन बच्चों को बचा कर लाए थे। इनकी मां इन्हें छोड़कर चली गई थी। एक बच्चे की बीच रास्ते में मौत हो गई। शेष दोनों को डॉ. राठौड़ ने पाल-पोसकर बड़ा किया। इसके बाद इन शावकों के नाम नाना और बेड़ा रखा गया था।माचिया में शेर व पैंथर को रखने के सारे पिंजरे भरे हुए हैं। ऐसे में इनका प्रजनन नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में इनकी संख्या बढ़ नहीं पा रही है।

लॉकडाउन के बाद पर्यटकों के लिए खुला पार्क

माचिया बायोलॉजिकल सफारी पार्क सहित प्रदेशतमाम जंतुआलय शुक्रवार से पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। यह आदेश शासन सचिव वन विभाग बी. प्रवीण ने गुरुवार को जारी किए थे। आदेश के तहत कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुए सफारी पार्क को शुक्रवार से खोला गया। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा सप्ताह में एक दिन रविवार को लागू कर्फ्यू के दिन जंतुआलय का अवकाश रहेगा। इधर, माचिया बायोलॉजिकल पार्क में प्रति मंगलवार को भी अवकाश रहता है।

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