Mohan Bhagwat Rajasthan Visit: मोहन भागवत बोले, लोगों को संघ की विचारधारा से जोड़ें कार्यकर्ता

Mohan Bhagwat Rajasthan Visit मोहन भागवत ने उदयपुर प्रवास के दौरान दूसरे दिन शनिवार को जागरण श्रेणी के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक ली और उन्हें मार्गदर्शन दिया। भागवत ने कार्यकर्ताओं को संघ की विचारधारा से लोगों को जोड़ने की बात कही।

Sachin Kumar MishraSat, 18 Sep 2021 05:01 PM (IST)
उदयपुर में आरएसएस के सरसंघ चालक डा. मोहन भागवत। फाइल फोटो

उदयपुर, संवाद सूत्र। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघ चालक डा. मोहन भागवत ने उदयपुर प्रवास के दौरान दूसरे दिन शनिवार को जागरण श्रेणी के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक ली और उन्हें मार्गदर्शन दिया। भागवत ने कार्यकर्ताओं को संघ की विचारधारा से लोगों को जोड़ने की बात कही। इस बैठक में संघ के चित्तौड़ प्रांत के जागरण श्रेणी के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। गौरतलब है कि संघ के चित्तौड़ प्रांत में उदयपुर के अलावा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, कोटा, बूंदी, बारां तथा झालावाड़ जिले शामिल हैं। चित्तौड़ प्रांत के संघ चालक जगदीश सिंह राणा ने मीडिया को बताया कि संघ के जागरण श्रेणी में संपर्क, सेवा व प्रचार विभाग आते हैं।

जागरण श्रेणी के कार्यकर्ता समाज बंधुओं से प्रत्यक्ष संपर्क करने व संघ से जोड़ने का दायित्व निभाते हैं, इसलिए सरसंघ चालक ने उन्हें समझाया कि कार्यकर्ताओं को अपने दायित्व का पूरी तरह से निर्वाहन करना होगा। इन्हीं दायित्वों से जुड़े कार्यकर्ताओं को सरसंघ चालक भागवत ने मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से समाज में नेतृत्व प्रदान करने वाले प्रबुद्ध वर्ग से समय-समय पर संवाद का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में रविवार को गणमान्य व्यक्तियों के साथ संघ के उद्देश्य विचार और कार्य पद्धति की स्पष्टता पर भागवत मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही, प्रबुद्धजनों की ओर से सुझाव भी लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भागवत के प्रवास के दौरान सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रबुद्धजनों के साथ चर्चा का रहेगा। इसमें भागवत 300 प्रबुद्धजनों से मुलाकात करेंगे। उल्लेखनीय है कि सरसंघ चालक उदयपुर प्रवास के पश्चात 20 सितंबर को भीलवाड़ा प्रवास पर रहेंगे। वहां पर वे तेरापंथ आचार्य महाश्रमण से भेंट करेंगे। 

संघ प्रमुख ने उदयपुर में आदिवासी के घर किया भोजन

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत तीन दिवसीय उदयपुर प्रवास के दौरान शनिवार देर शाम संघ के आदिवासी के घर भोजन करने पहुंचे। यहां उन्होंने मेवाड़ी व्यंजन पाणिया के साथ उड़द की दाल खाई। इसके अलावा मेवाड़ की विशेष लापसी जिसे गेहूं के आटे से बनाया जाता है, का भी स्वाद भागवत ने लिया।

उदयपुर में बनाए अस्थायी प्रवास स्थल हिरणमगरी सेक्टर चार से शाम साढ़े छह बजे उदयपुर शहर से लगभग पंद्रह किलोमीटर दूर प्रतापपुरा गांव में संघ के सदस्य नारायण गमेती के घर पहुंचे। नारायण गमेती चित्तौड़गढ़ प्रांत के शारीरिक प्रमुख हैं। उनके पहुंचने से पहले नारायण गमेती के परिवार ने घर को दिवाली की तरह सजाया हुआ था और भागवत के लिए विशेष व्यंजन के रूप में मेवाड़ की प्रसिद्ध डिश पाणिया के साथ उड़द की दाल बना रखी थी। पाणिया बाटी की तरह मक्की से बनाया जाता है, जिसे खाखरे के पत्तों (दोना पत्तल के लिए उपयोग में लिए जाने वाला पत्ता)के बीच रखकर बाटी की तरह आग में पकाया जाता है। नारायण गमेती के परिजनों का कहना था कि उन्होंने भागवतजी के लिए घर में आर्गेनिक तरीके से उगाई मक्की का आटा पीसकर उससे ही पाणिया तैयार किया है। इसके अलावा गेहूं की रोटी तथा चावल भी बनाया गया है।

भागवत के उदयपुर में तीन दिवसीय प्रवास के दौरान उनका आदिवासी के घर भोजन करना सबसे अधिक चर्चा में बना हुआ है। हालांकि संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि भागवत शाम को हल्का ही भोजन करते हैं, इसलिए उन्होंने वहां हल्का ही भोजन लिया। भागवत के साथ चित्तौड़ प्रांत के चालक जगदीश सिंह राणा तथा कुछ अन्य चुनिंदा पदाधिकारी मौजूद थे। नारायण गमेती के परिजनों का कहना है कि भागवत के उनके घर आने से वह बेहद खुश हैं। उनके आने की सूचना मिलते ही सुबह आठ बजे से सभी घर की विशेष साफ-सफाई में जुट गए थे। भोजन की तैयारी भी शुरू कर दी थी। घर में उगाए आर्गेनिक मक्का को पिसवाने के साथ महिलाएं लापसी, चटनी तथा पाणिया की तैयारी में जुट गईं। परिजनों का कहना है कि यह उनके लिए बड़े गौरव की बात है कि संघ प्रमुख इतने छोटे सदस्य के यहां पधारे हैं। जिसे वह कभी नहीं भूल पाएंगे।

मीडिया से बनाए रखी दूरी

संघ प्रमुख के दौरे में सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। उनके अस्थायी प्रवास से वहां जाने की तैयारी शुरू हुई, उससे पहले नारायण गमेती के मकान वाले रास्ते को एक तरह सील कर दिया था। जिस पर मोहन भागवत और उनके साथ आए वाहनों को ही अनुमति मिल पाई। जैड प्लस सिक्योरिटी की वजह से नारायण गमेती के घर पर उनके परिजनों के अलावा किसी अन्य बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिल पाया।

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