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Rajasthan: उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में घोटाला, चार निलंंबित

उदयपुर, संवाद सूत्र। MohanLal  Sukhadia University. यहां मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। इस खुलासे के बाद परीक्षा शाखा के डिप्टी कंट्रोलर हरकेश मीणा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरिकृष्ण शर्मा, वरिष्ठ सहायक सत्यनारायण जोशी और एक अन्य कर्मचारी दिनेश पानेरी को निलंबित कर दिया गया है। घोटाले को लेकर परीक्षा शाखा में कार्यरत सभी कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। परीक्षा नियंत्रक सहित सभी कर्मचारियों का तबादला दूसरी शाखाओं में कर दिया गया है। साथ ही, एक कमेटी भी गठित कर दी गई है, जो यह जांच करेगी कि घोटाला कितनी राशि का है और यह कब से जारी है।

जानकारी के अनुसार सुखाड़िया विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में माइग्रेशन सर्टिफिकेट, डुप्लीकेट मार्कशीट सहित विभिन्न दस्तावेजों के लिए शुल्क तय है। परीक्षा शाखा की जिम्मेदारी निर्धारित शुल्क राशि लेने

के बाद सर्टिफिकेट प्रदान करने की है। इस शाखा में व्यापक रूप से घोटाले की शिकायत राजस्थान के राज्यपाल को मिली तो विश्वविद्यालय की प्रशासनिक शाखा गोपनीय रूप से इसकी जांच में जुटी हुई थी। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि परीक्षा शाखा में एक छात्र के नाम से शुल्क की रसीद काटी जाती तथा जबकि कई छात्रों को विभिन्न दस्तावेज जारी किए जाते रहे। यानी दूसरे छात्रों से शुल्क की वसूली लगातार होती रही लेकिन वह परीक्षा शाखा के अधिकारी और कर्मचारियों की जेब में जाती रही।

मामले की प्राथमिक जांच में परीक्षा शाखा के डिप्टी कंट्रोलर हरकेश मीणा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरिकृष्ण शर्मा, वरिष्ठ सहायक सत्यनारायण जोशी तथा दिनेश पानेरी दोषी पाए गए। जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही, परीक्षा शाखा के सभी कर्मचारियेां का तबादला दूसरी शाखाओं में कर दिया और उनकी लिप्तता को लेकर भी जांच जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक जांच कमेटी का गठन भी किया है जो यह पता लगाएगी कि अब तक परीक्षा शाखा से कितने सर्टीफिकेट जारी किए गए तथा उनके एवज में कितनी राशि जमा हुई। जिसके बाद घोटाले की राशि का भी पता लग जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया

जाएगा कि इस तरह का घोटाला कब से चला आ रहा है।

गौरतलब है कि सुखाड़िया विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा से हर साल हजारों स्टूडेंट्स विभिन्न प्रकार के सर्टिफिकेट प्राप्त करते हैं, किन्तु इस शाखा के कर्मचारी एक छात्र के जमा कराए शुल्क की रसीद के आधार

पर दूसरे छात्रों को भी दस्तावेज जारी करते रहे। कुलपति प्रो. एनएस राठौड़ का कहना है कि डीन स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी। जिसमें अब तक हुई गड़बड़ी का खुलासा सामने आ जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय ही नहीं, बल्कि आपराधिक मामला भी दर्ज कराया जाएगा। 

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