Amrit Mahotsav: उदयपुर में फतहसागर की पाल पर दिखेगा सीआरपीएफ का शौर्य

Amrit Mahotsav आजादी का अमृत महोत्सव के तहत गुजरात के साबरमती से दिल्ली के राजघाट तक सीआरपीएफ की ओर से साइकिल रैली निकाली जा रही है। 19 सितंबर को शाम चार बजे यह रैली फतहसागर की पाल पर पहुंचेगी।

Sachin Kumar MishraWed, 15 Sep 2021 08:54 PM (IST)
उदयपुर में फतहसागर की पाल पर दिखेगा सीआरपीएफ का शौर्य। फाइल फोटो

उदयपुर, संवाद सूत्र। अपने साहस और शौर्य के लिए मशहूर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों का शौर्य 19 सितंबर को उदयपुर में फतहसागर की पाल पर देखने को मिलेगा। सीआरपीए के जवान इन दिनों देश को एकता के सूत्र में बांधने का संदेश देने के लिए साइकिल पर निकले हैं। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत गुजरात के साबरमती से दिल्ली के राजघाट तक सीआरपीएफ की ओर से साइकिल रैली निकाली जा रही है। 19 सितंबर को शाम चार बजे यह रैली फतहसागर की पाल पर पहुंचेगी। रैली में राजस्थान सेक्टर सीआरपीएफ के जवान शामिल होंगे।

20 को फतहसागर पर फ्लेग आफ सेरेमनी

20 सितंबर को फतहसागर की पाल पर सुबह छह बजे साइकिल रैली के फ्लैग आफ सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार फतहसागर की पाल पर सीआरपीएफ के जवानों की साइकिल रैली में एकता और अनुशासन का संगम नजर आएगा।

दो अक्टूबर को पहुंचेंगे दिल्ली के राजघाट

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, साबरमती से शुरू होकर यह साइकिल रैली 18 सितंबर को शाम चार बजे ऋषभदेव पहुंचेगी। ऋषभदेव से 19 सितंबर को सुबह छह बजे रवाना होकर यह साइकिल रैली उसी दिन शाम चार बजे फतहसागर की पाल पर पहुंचेगी। 20 सितंबर को सुबह छह बजे फतहसागर पाल पर साइकिल रैली के फ्लैग आफ सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। उदयपुर से रवाना होकर 20 सितंबर को शाम पांच बजे नाथद्वारा पहुंचेगी। 21 सितंबर को सुबह छह बजे नाथद्वारा से रवाना होकर शाम पांच बजे राजसमंद के लांबोड़ी पहुंचेगी। यहां से अजमेर, जयपुर, शाहजहांपुर होते हुए दो अक्टूबर को दिल्ली के राजघाट पहुंचकर रैली का समापन होगा। मार्ग में जगह-जगह रैली का स्वागत किया जाएगा। 

गौरतलब है कि गत दिनों आजादी के अमृत महोत्सव पर भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आइसीएचआर) के पोस्टर पर सियासी विवाद शुरू हो गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पोस्टर में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का फोटो नहीं लगाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नेहरू को कमतर दिखाने के प्रयास का खामियाजा भाजपा सरकार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर की देशभक्ति पर भी सवाल उठाए हैं। गहलोत ने सावरकर को ब्रिटिश एजेंट और गद्दार बताया है। गहलोत ने बयान जारी कर कहा कि आइसीएचआर आजादी के अमृत महोत्सव के पोस्टर में नेहरू की तस्वीर नहीं होना निंदनीय है। यह केंद्र सरकार की छोटी सोच का प्रदर्शन भी है।

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