Vaccination: छात्रों की टीकाकरण संबंधी समस्याओं का हो तुरंत समाधान: अभाविप

Vaccination अभाविप जोधपुर प्रांत के प्रांत मंत्री अविनाश खारा ने कहा कि अनिश्चितता व स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अभाविप ने केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री से अनुरोध किया कि वे विदेश में पढ़ने के इच्छुक छात्रों की समस्याओं को देखें और तुरंत उनका समाधान करें।

Sachin Kumar MishraWed, 16 Jun 2021 06:46 PM (IST)
छात्रों की टीकाकरण संबंधी समस्याओं का हो तुरंत समाधान: अभाविप। फाइल फोटो

जोधपुर, संवाद सूत्र। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपने ज्ञापन से स्वास्थ्य और कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का ध्यान विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए संघर्ष कर रहे भारतीय छात्रों की ओर आकर्षित किया है। अभाविप ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री को भारतीय छात्रों, जिन्हें कोवैक्सिन का टीका लगाया गया है और 18 वर्ष से कम आयु के छात्र जो टीकाकरण की आयु सीमा में नहीं आते हैं, उनके विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के संबंध में सरकार से विदेश में पढ़ने की योजना बना रहे छात्रों की समस्याओं को तुरंत हल करने का अनुरोध किया है। अभाविप ने अपने ज्ञापन में बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय देशों सहित कई देश कोवैक्सीन का टीका लगवाने वाले भारतीय छात्रों को 'अवांछित' या टीकारहित मान रहे हैं।

इस तरह के व्यवहार से भारतीय छात्रों को गंभीर असुविधा और शैक्षणिक नुकसान होने का अनुमान है। भारत बायोटेक द्वारा आइसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के सहयोग से किए गए रोग विषयक परीक्षणों में कोवैक्सीन वायरस के विरुद्ध 78 फीसद प्रभावी साबित हुई है। व्हाइट हाउस के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथनी फौसी सहित दुनिया भर के शीर्ष वायरोलोजिस्ट ने माना है कि भारत की कोवैक्सिन कोरोना वायरस के 617 प्रकारों के विरुद्ध प्रभावी है। इसके अलावा कई उच्च माध्यमिक छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं तथा 18 वर्ष से कम आयु के छात्र जिन्होंने अमेरिकी या ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए सैट पास किया है, अभी तक टीकाकरण नीति के अन्तर्गत नहीं आते हैं, ऐसे में बाहर के विश्विद्यालयों के ऐसे रवैये से उनके शैक्षणिक नुकसान होने का खतरा है।

अभाविप जोधपुर प्रांत के प्रांत मंत्री अविनाश खारा ने कहा कि अनिश्चितता और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अभाविप ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री से अनुरोध किया कि वे विदेश में पढ़ने के इच्छुक छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को देखें और तुरंत उनका समाधान करें। एबीवीपी ने स्वास्थ्य मंत्री से जल्द से जल्द इस संबंध में एक बयान जारी करने का भी अनुरोध किया है, ताकि छात्रों और उनके परिजनों की चिंताओं को दूर किया जा सके। संघटन ने सरकार से डब्ल्यूएचओ और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ गतिरोध को समाप्त करने का प्रयास करने का भी अनुरोध किया है। 

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