कामेडियन राजवीर कौर ने दिए फिट रहने के टिप्स

श्री गुरु अर्जुन देव सरकारी कालेज में मशहूर कामेडियन व फिटनेस एक्सपर्ट राजवीर कौर विद्यार्थियों के रूबरू हुईं। उनका कालेज के प्रिसिपल डा. हरविदर सिंह भल्ला ने स्वागत किया और और कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर बच्चों को प्रेरित करने के लिए ऐसी शख्सियतों को बुलाया जाता है।

JagranSun, 26 Sep 2021 11:25 PM (IST)
कामेडियन राजवीर कौर ने दिए फिट रहने के टिप्स

संस, तरनतारन : श्री गुरु अर्जुन देव सरकारी कालेज में मशहूर कामेडियन व फिटनेस एक्सपर्ट राजवीर कौर विद्यार्थियों के रूबरू हुईं। उनका कालेज के प्रिसिपल डा. हरविदर सिंह भल्ला ने स्वागत किया और और कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर बच्चों को प्रेरित करने के लिए ऐसी शख्सियतों को बुलाया जाता है।

डा. भल्ला ने कहा कि कालेज में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के प्रति भी जागरूक किया जाता है। कामेडियन राजवीर कौर ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए और शरीर की तंदरुस्ती लिए प्रत्येक दिन योग करना चाहिए व जंकफूड का सेवन कभी नहीं करना चाहिए। स्टेज संचालिका की भूमिका प्रोफेसर रमनदीप कौर (पंजाबी विभाग) ने बाखूबी निभाई। प्रो. हीरा सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित किया। आखिर में प्रो. सुभाष मैनी ने शख्सियतों का धन्यवाद किया।

इस मौके पर कालेज के वाइस प्रिसिपल प्रोफेसर ललित शर्मा, जसजीत सिंह, कुलवंत सिंह, प्रभजोत सूद, सिमरनजीत कौर, करनजीत कौर, संदीप कौर, जसप्रीत कौर, ऋतु कुमारी, रणदीप कौर, बलजीत सिंह, राजवीर कौर, तरनजीत कौर, पलविदर कौर मौजूद थे। नाटशाला में नाटक चंदन दे ओहले का हुआ शानदार मंचन : पंजाब नाटशाला में यंग मलंग थिएटर ग्रुप की ओर से पाली भूपिदर लिखित नाटक चंदन दे ओहले का शानदार मंचन किया गया। नाटक सिस्टम पर चोट था, जिसमें युवा पीढ़ी विदेशों को पलायन करती है। वहां जाने के लिए क्या क्या हथकंडे अपनाए जाते है। इस नाटक में बखूबी दिखाया गया। वहां जाने के बाद हमारे लोगों को क्या-क्या झेलना पड़ता है। इस सबको नाटक में बड़ी संजीदगी से पेश किया गया। नाटक में हनीश राजपूत, मुस्कान, पवनदीप शर्मा, हारुन अरोड़ा, अंकिता, करण, अर्जुन सिंह, राजबीर रंधावा, नीरज सैनी ने भूमिका निभाई।

शिरोमणि नाटककार जतिदर बराड़ ने कहा कि नाटक का मकसद साफ सुथरा मनोरंजन तथा सम-सामयिक मुद्दों की तरफ लोगों का ध्यान दिलाना है। यह नाटक उस कसौटी पर खरा उतरता है। सिस्टम की खामियों के कारण युवा पीढ़ी कंफ्यूज है। अपने मुल्क में रोजी रोटी कमाने की बजाय विदेशों में धक्के खा रहे है। वहीं नाटशाला संस्था की ओर से पेशकारी देने वाले कलाकारों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया।

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