16 में से 12 पुलिस मुलाजिम डोप टेस्ट करवाने पहुंचे, आठ निकले पाजिटिव

पुलिस विभाग में नशा करने वाले पुलिस कर्मियों पर शिकंजा कसने के लिए जिले में डोप टेस्ट मुहिम का आगाज किया गया है।

JagranSat, 08 May 2021 09:00 AM (IST)
16 में से 12 पुलिस मुलाजिम डोप टेस्ट करवाने पहुंचे, आठ निकले पाजिटिव

धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन : पुलिस विभाग में नशा करने वाले पुलिस कर्मियों पर शिकंजा कसने के लिए जिले में डोप टेस्ट मुहिम का आगाज किया गया है। शुक्रवार को 11 पुलिस कर्मियों में से आठ की डोप टेस्ट रिपोर्ट पाजिटिव आई। इससे विभाग में हड़कंप मच गया।

दरअसल, ढाई महीने पहले 56 तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। इनमें से कुछ को काबू किया था। इनके संबंध पाकिस्तान के तस्करों से निकले। जिला पुलिस ने इनके संपर्क ढूंढने के लिए अभियान शुरू किया। इस दौरान खाकी पर भी ऊंगलियां उठने लगीं। क्योंकि सूचना थी कि कुछ पुलिसकर्मी भी नशा तस्करों से मिले हैं। ऐसे ही एक इंस्पेक्टर बलजीत सिंह को हाल ही में नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाते हुए उसकी गिरफ्तारी लिए शिकंजा कसा गया है।

इस बीच एसएसपी ध्रुमन एच निबाले ने वीरवार को आदेश जारी किया। इस आदेश में हेड कांस्टेबल व एएसआइ रैंक के 16 पुलिस कर्मियों के नाम थे जिनके डोप टेस्ट करवाने के लिए हरी झंडी दी गई। शुक्रवार को डीएसपी (एच) दिलबाग सिंह जब इन पुलिस कर्मियों का डोप टेस्ट करवाने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे तो चार पुलिसकर्मी आए नहीं। कुल 12 कर्मियों का डोप टेस्ट किया। इनमें से आठ की रिपोर्ट पाजिटिव आई। इनमें चार एएसआइ रैंक के अधिकारी हैं। सूत्रों की मानें तो सेहत विभाग यह रिपोर्ट शनिवार को एसएसपी को सौंपेगा। हालांकि पाजिटिव पाए गए पुलिस कर्मियों का रिकार्ड चेक किया जाएगा कि इनमें से कोई ऐसी मेडिसिन तो नहीं लेता, जो जीवनरक्षक हो। कुल मिलाकर नशे के आदि पाए गए पुलिस कर्मियों को जिले से बाहर का रास्ता दिखाया जाना है। एसएसपी ध्रुमन एच निबाले ने दैनिक जागरण को बताया कि पहले भी सात पुलिस कर्मियों को डोप टेस्ट रिपोर्ट पाजिटिव पाए जाने से जिले से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। पुलिस मुलाजिमों की फर्जी डोप टेस्ट का मामला भी ठंडे बस्ते में

डेढ़ वर्ष पहले पुलिस विभाग से संबंधित मुलाजिमों के सिविल अस्पताल से डोप टेस्ट करवाए गए थे। इनकी रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई थी। तत्कालीन एसएसपी ध्रुव दहिया ने अमृतसर अस्पताल से इन पुलिस कर्मियों का दोबारा डोप टेस्ट करवाया तो 21 कर्मियों की रिपोर्ट पाजिटिव आई। एडीसी जनरल ने लंबी जांच के बाद डीसी को रिपोर्ट तो सौंप दी थी। परंतु वह ठंडे बस्ते में पड़ी रही। नवंबर 2020 में हलका विधायक डा. धर्मबीर अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाया तो विजिलेंस ने अस्पताल का रिकार्ड कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी, जो अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।

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