कोरोना को खुद पर हावी नहीं होने दिया, तभी दे सका मात

कोरोना को खुद पर हावी नहीं होने दिया, तभी दे सका मात

कोरोना का जब दौर मार्च 2020 में शुरू हुआ था तो सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड का गठन किया गया। वहां पर कोरोना मरीजों का इलाज तो होता ही था साथ ही सैंपल लेने की मेरी जिम्मेदारी भी थी।

JagranMon, 17 May 2021 06:30 PM (IST)

जागरण संवाददाता, तरनतारन : कोरोना का जब दौर मार्च 2020 में शुरू हुआ था तो सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड का गठन किया गया। वहां पर कोरोना मरीजों का इलाज तो होता ही था, साथ ही सैंपल लेने की मेरी जिम्मेदारी भी थी। इस बीच हलकी खांसी और बुखार की वजह से जब खुद का टेस्ट करवाया तो रिपोर्ट पाजिटिव आई। मैंने कोरोना को खुद पर हावी नहीं होने दिया। इसीलिए मैं कोरोना को मात दे सका। यह कहना है सिविल अस्पताल में तैनात ईएनटी माहिर डा. सरबजीत सिंह का।

जुलाई 2020 में कोरोना पाजिटिव हुए डा. सरबजीत सिंह कोविड नियमों के तहत होम क्वारंटाइन रहे। इस दौरान उन्होंने अपने अंदर आत्मविश्वास इतना बढ़ा लिया कि कोरोना को मात देने में आसानी रही। डा. सरबजीत सिंह बताते हैं कि फ्रिज में रखी किसी भी वस्तु का परहेज करना चाहिए। शरीर को गर्म रखना जरूरी है जिसके लिए लोंग, काहढ़ा आदि का प्रयोग बेहतर रहता है। अगर योग करें तो शरीर को मानसिक तौर पर इतनी मजबूती मिलती है कि इम्युनिटी अपने आप मजबूत हो जाती है। उन्होंने बताया कि होम क्वारंटाइन के बावजूद भी उन्होंने अन्य लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करते हुए इंटरनेट मीडिया की मदद ली। लापरवाही बरतना ठीक नहीं

डा. सरबजीत सिंह कहते हैं कि कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण करवाना जरूरी है। कुछ लोग टीकाकरण के मामले में लापरवाही बरत रहे है, जो ठीक नहीं है। लोग अफवाहों में न आएं। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी टीकाकरण करवाना है।

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