युवक को सीआइए की अवैध हिरासत में रखकर मारपीट का आरोप

युवक को सीआइए की अवैध हिरासत में रखकर मारपीट का आरोप

चोहला साहिब निवासी गुरप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखित शिकायत भेजते आरोप लगाया कि उसके भाई अमरजीत सिंह को अवैध हिरासत में रखकर कई दिनों तक मारपीट की गई।

JagranThu, 04 Mar 2021 06:19 PM (IST)

जासं, तरनतारन : कस्बा चोहला साहिब निवासी गुरप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखित शिकायत भेजते आरोप लगाया कि उसके भाई अमरजीत सिंह को अवैध हिरासत में रखकर कई दिनों तक मारपीट की गई। बेहोश होने पर उसे छप्पड़ किनारे फेंक दिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस 16 हजार रुपये, दो मोबाइल व मोटरसाइकिल भी उठा ले गई। महिला ने जब विरोध किया तो उसे थाने के हवालात में बंद रखा गया।

चोहला साहिब निवासी गुरप्रीत कौर पत्नी सुखचैन सिंह ने बताया कि उसके पिता गुरबिंदर सिंह सेना से सेवा निवृत हवालदार हैं। उसका भाई अमरजीत सिंह कस्बा सरहाली में रहता है। 27 फरवरी को सीआइए स्टाफ पट्टी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुखराज सिंह उसके घर में अन्य पुलिस कर्मियों समेत दाखिल हुए और उसके भाई अमरजीत सिंह को यह कहते साथ ले गए कि किसी मामले में पूछताछ करनी है। गुरप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि जब मैंने पुलिस से सर्च वारंट बाबत पूछा तो पुलिस उसे थी साथ लेती गई। यही नहीं घर की तलाशी के दौरान 16 हजार रुपये, दो मोबाइल व एक मोटरसाइकिल ले जाते समय सीआइए स्टाफ इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुखराज सिंह ने कहा कि पूछताछ के बाद यह सामान वापस कर दिया जाएगा। अमरजीत सिंह की तीन दिनों में कई बार मारपीट की जाती रही। वह जब भी अपने भाई को मिलने के लिए कहती तो सीआइए स्टाफ की पुलिस द्वारा उसे भी मानसिक तौर पर परेशान किया जाने लगा। बुधवार की शाम को अमरजीत सिंह व उसकी बहन गुरप्रीत कौर को रिहा कर दिया गया। अमरजीत सिंह को सरहाली के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। उसकी मां ज्ञान कौर व पिता गुरबिंदर सिंह (सेना के सेवा निवृत हवालदार) ने दावा किया कि उन्होंने हाल ही में गांव मोहनपुरा से मकान बेचकर बैंक में पैसे जमा करवाए थे और घर की जरूरत लिए नौशहरा पन्नूआ स्थित पंजाब नेशनल बैंक से कुछ पैसे निकलवाए थे। गुरप्रीत कौर ने अपनी शिकायत की कापी डीजीपी, जिला सेशन जज, एसएसपी, डीसी को भी भेजी है।

पुलिस नहीं कर रही सुनवाई

सेवा निवृत्त हवालदार गुरबिंदर सिंह ने बताया कि उनका दामाद सुखचैन सिंह सोनी बीमार रहता है, जिसकी देखभाल लिए मैंने अपने लड़के अमरजीत सिंह को वहां रहने भेजा था। पुलिस ने अमरजीत सिंह को पट्टी के सीआइए स्टाफ में रखकर थर्ड डिग्री टार्चर किया है। जबकि गुरप्रीत कौर को भी अवैध हिरासत में रखकर यातनाएं दी है। इंसाफ लेने के लिए वह कई बार पुलिस अधिकारियों को मिले, परंतु किसी ने सुनवाई नहीं की।

पुलिस पर दबाव बनाने लिए लगाए झूठे आरोप

सीआइए स्टाफ पट्टी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुखराज सिंह ने कहा कि सुखचैन सिंह सोनी के खिलाफ नशा बेचने के 12 मामले दर्ज हैं। चार में वह भगोड़ा करार है। सोनी की पत्नी गुरप्रीत कौर के खिलाफ भी सूचना के आधार पर एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस केस में तफ्तीश लिए उनके घर में छापामारी की गई। सुखराज सिंह ने कहा कि न तो किसी को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट की और न ही नगदी, मोबाइल व मोटरसाइकिल कब्जे में लिया। उक्त परिवार द्वारा पुलिस पर दबाव बनाने लिए झूठी कहानी बनाई गई है। जिसमें कोई सचाई नहीं है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.