ग्रामीण में 42, शहर क्षेत्र में 14 नाके, फिर भी कार छीनने वालों का सुराग नहीं

राजस्व विभाग के रिटायर्ड पटवारी हरजिदर सिंह निवासी गोपाल नगर (मजीठा रोड) की वरना कार नंबर (पीबी-02 बीआइ 6056) छीनने वाले हथियारबंद तीन लुटेरों का रात भर सुराग नहीं लग पाया।

JagranMon, 29 Nov 2021 10:00 PM (IST)
ग्रामीण में 42, शहर क्षेत्र में 14 नाके, फिर भी कार छीनने वालों का सुराग नहीं

धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन : राजस्व विभाग के रिटायर्ड पटवारी हरजिदर सिंह निवासी गोपाल नगर (मजीठा रोड) की वरना कार नंबर (पीबी-02 बीआइ 6056) छीनने वाले हथियारबंद तीन लुटेरों का रात भर सुराग नहीं लग पाया। हालांकि जिले में हाई अलर्ट के चलते ग्रामीण क्षेत्र में 42 व शहरी क्षेत्र में 14 नाके लगाए गए थे। लुटेरों का सुराग लगाने के लिए थाना सिटी व थाना झब्बाल पुलिस की तरफ से संयुक्त तौर पर रात 11 बजे तक अभियान भी चलाया गया, परंतु नतीजा शून्य रहने पर एसएसपी हरविदर सिंह विर्क ने सोमवार को अधिकारियों से बैठक की। इसमें लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों को कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहने की नसीहत दी गई।

अमृतसर के गोपाल नगर (मजीठा) के रिटायर्ड पटवारी हरजिदर सिंह (66) पत्नी बलजीत कौर के साथ वरना कार में नौशहरा पन्नूआ स्थित रिश्तेदारों को मिलने के लिए जा रहे थे। रास्ते में केडी इंटरनेशनल स्कूल के पास बाइक सवार हथियारबंद युवकों ने कार छीन ली। वर्णनीय है कि फाजिल्का से दो हैंड ग्रेनेड मिलने की खबर मिलते ही रविवार को प्रदेश में हाई अलर्ट किया गया था। इसके चलते जिला तरनतारन में कुल 42 नाके (ग्रामीण क्षेत्र) में लगाए गए थे। जबकि 14 नाके पट्टी व तरनतारन (शहरी क्षेत्र) में लगाए गए थे। जिले में इतनी नाकाबंदी होने के बावजूद हथियारबंद लुटेरे वरना कार और बाइक लेकर कहां निकल गए, इसका पता नहीं लग पाया।

सोमवार को सुबह एसएसपी हरविदर सिंह विर्क ने जिले के थाना प्रभारियों की क्लास लगाते हुए कहा कि दिन के समय पूरी मुस्तैदी बरती जाए। रात के समय नाकाबंदी की बाकायदा चेकिंग की जाए। संबंधित डीएसपी अपने-अपने क्षेत्र में पुलिस स्टेशन, पुलिस चौकियां और नाका प्वाइंटों को चेक करेंगे, वहीं अन्य डीएसपी रैंक के अधिकारी पूरे जिले की रिपोर्ट देंगे। इतना ही नहीं हर रात को एसपी रैंक के दो अधिकारियों को भी अब रात भर जागना पड़ेगा।

लुटेरे से उलझते उतर गई थी पगड़ी

हरजिदर सिंह ने दैनिक जागरण को बताया कि अमृतसर से नौशहरा पन्नूआ जाते समय ख्याल आया कि लिक रोड के बजाय दूसरे रास्ते से जाना चाहिए। हरजिदर सिंह अभी कार को रोककर यूटर्न ले रहे थे कि पीछे वाली खिड़की खोलकर एक युवक सीट पर बैठ गया और कनपटी पर पिस्तौल लगा दी। दूसरे पिस्तौलधारी ने हरजिदर सिंह को कार से बाहर खींचा। इस दौरान लुटेरे से उलझते हरजिदर सिंह की पगड़ी भी उतर गई। बाइक पर सवार तीसरे लुटेरे ने हरजिदर सिंह को कहा कि साडे हत्थो मर न जावीं, यह सुनते ही हरजिदर सिंह को पत्नी बलजीत कौर ने इशारा किया कि कार से बाहर आ जाओ। हरजिदर सिंह ने बताया कि सुनसान सड़क पर न तो कोई उनकी आवाज सुनने वाला था और न ही कोई मददगार।

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